रैबल परिकल्पना - प्रशासन और लोकतंत्र विश्लेषण Rabble Hypothesis - Administration and Democracy Analysis

रैबल परिकल्पना - प्रशासन और लोकतंत्र विश्लेषण  Rabble Hypothesis - Administration and Democracy Analysis

 

रैबल परिकल्पना (Rabble Hypothesis): एक विस्तृत परिचय

Rabble Hypothesis: A Detailed Introduction

🟨 प्रस्तावना (Introduction)

लोक प्रशासन और लोकतंत्र के संबंध पर विभिन्न विद्वानों ने अपने विचार प्रस्तुत किए हैं। इन्हीं में से एक महत्वपूर्ण अवधारणा है रैबल परिकल्पना (Rabble Hypothesis)। यह परिकल्पना लोकतांत्रिक शासन में जनता की भूमिका और प्रशासनिक दक्षता के बीच उत्पन्न तनाव को स्पष्ट करती है। “Rabble” शब्द का अर्थ होता है—अशिक्षित, असंगठित या अविवेकी भीड़।

🟨 रैबल परिकल्पना का अर्थ (Meaning of Rabble Hypothesis)

रैबल परिकल्पना के अनुसार, यदि प्रशासनिक निर्णयों में अत्यधिक जन-हस्तक्षेप हो जाए तो प्रशासन की दक्षता, तटस्थता और विशेषज्ञता प्रभावित हो सकती है। यह परिकल्पना मानती है कि सामान्य जनता सभी जटिल प्रशासनिक विषयों को समझने में सक्षम नहीं होती, इसलिए नीति-निर्माण और प्रशासनिक निर्णय विशेषज्ञों और प्रशिक्षित अधिकारियों के हाथ में होने चाहिए।

🟨 रैबल परिकल्पना की पृष्ठभूमि (Background)

यह विचार मुख्यतः लोकतंत्र बनाम नौकरशाही की बहस से जुड़ा है। कुछ विद्वानों का मानना था कि लोकतंत्र में “जन-इच्छा” सर्वोपरि होती है, जबकि अन्य विद्वानों ने चेतावनी दी कि भीड़तंत्र (mob rule) प्रशासन को अराजक बना सकता है। इसी चिंता से रैबल परिकल्पना का जन्म हुआ।

🟨 मुख्य तर्क (Core Arguments)

  1. आम जनता भावनाओं से प्रभावित होती है, न कि तर्क से।
  2. प्रशासनिक कार्यों में तकनीकी ज्ञान आवश्यक होता है।
  3. अत्यधिक लोकतंत्रीकरण से निर्णय प्रक्रिया धीमी हो जाती है।
  4. नौकरशाही की तटस्थता जन-दबाव से प्रभावित हो सकती है।

🟨 आलोचनाएँ (Criticism of Rabble Hypothesis)

इस परिकल्पना की आलोचना यह कहकर की जाती है कि यह जनता की बुद्धिमत्ता को कम आंकती है। आधुनिक लोकतंत्र में जन-भागीदारी, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व को प्रशासन की शक्ति माना जाता है। आज ई-गवर्नेंस और जागरूक नागरिकों के युग में जनता को “रैबल” कहना अनुचित प्रतीत होता है।

🟨 आधुनिक संदर्भ में प्रासंगिकता (Relevance in Modern Times)

आज का प्रशासन न तो पूर्णतः नौकरशाही-केंद्रित है और न ही पूर्णतः जन-केंद्रित। आधुनिक शासन व्यवस्था में विशेषज्ञ प्रशासन और जन-भागीदारी के बीच संतुलन बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

🟨 निष्कर्ष (Conclusion)

रैबल परिकल्पना प्रशासनिक दक्षता की रक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, लेकिन लोकतांत्रिक मूल्यों की उपेक्षा नहीं की जा सकती। अतः एक संतुलित दृष्टिकोण ही आधुनिक लोक प्रशासन की आवश्यकता है।

📘 10 MCQ Questions (With Answers)

1. Rabble Hypothesis का संबंध किससे है?

A. समाजशास्त्र
B. अर्थशास्त्र
C. लोक प्रशासन और लोकतंत्र
D. मनोविज्ञान
उत्तर: C

2. “Rabble” शब्द का सामान्य अर्थ क्या है?

A. बुद्धिजीवी वर्ग
B. संगठित समूह
C. अविवेकी भीड़
D. अधिकारी वर्ग
उत्तर: C

3. रैबल परिकल्पना किस बात पर बल देती है?

A. जन-नियंत्रण
B. विशेषज्ञ प्रशासन
C. पूर्ण लोकतंत्र
D. सैन्य शासन
उत्तर: B

4. इस परिकल्पना के अनुसार प्रशासनिक निर्णय किसे लेने चाहिए?

A. आम जनता
B. राजनीतिक दल
C. विशेषज्ञ और अधिकारी
D. मीडिया
उत्तर: C

5. रैबल परिकल्पना किस व्यवस्था की आलोचना करती है?

A. राजतंत्र
B. तानाशाही
C. भीड़तंत्र
D. संघवाद
उत्तर: C

6. रैबल परिकल्पना की प्रमुख कमी क्या मानी जाती है?

A. प्रशासन विरोधी होना
B. जनता को कम आंकना
C. लोकतंत्र का समर्थन
D. नीति निर्माण
उत्तर: B

7. आधुनिक प्रशासन किस पर बल देता है?

A. केवल नौकरशाही
B. केवल लोकतंत्र
C. संतुलन
D. सैन्य शक्ति
उत्तर: C

8. रैबल परिकल्पना किस प्रकार की सोच को दर्शाती है?

A. आदर्शवादी
B. व्यवहारवादी
C. भावनात्मक
D. क्रांतिकारी
उत्तर: B

9. रैबल परिकल्पना का विरोध क्यों होता है?

A. यह प्रशासन को कमजोर बनाती है
B. यह लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है
C. यह कानून विरोधी है
D. यह तकनीकी है
उत्तर: B

10. सही कथन कौन-सा है?

A. रैबल परिकल्पना लोकतंत्र को पूर्णतः नकारती है
B. यह प्रशासनिक दक्षता पर जोर देती है
C. यह जनता की सर्वोच्चता सिद्ध करती है
D. यह आधुनिक शासन में अप्रासंगिक है
उत्तर: B

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