स्वास्थ्य, स्वतंत्रता और समाज सुधार की अग्रदूतPioneer of Health, Freedom and Social Reform
एम्स की स्थापना में अमृत कौर की भूमिका
🔹 1. भूमिका (Introduction)
भारत के आधुनिक स्वास्थ्य तंत्र की नींव रखने में जिन महान व्यक्तित्वों का योगदान रहा है, उनमें राजकुमारी अमृत कौर का नाम अत्यंत सम्मान के साथ लिया जाता है। वे न केवल स्वतंत्रता सेनानी थीं, बल्कि भारत की पहली स्वास्थ्य मंत्री भी रहीं। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) की स्थापना में उनकी भूमिका ऐतिहासिक और निर्णायक रही।
🔹 2. अमृत कौर का प्रारंभिक जीवन
अमृत कौर का जन्म 2 फरवरी 1889 को लखनऊ में हुआ था। वे कपूरथला रियासत के शाही परिवार से थीं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा इंग्लैंड में प्राप्त की। उच्च शिक्षा के बाद उन्होंने ऐश्वर्यपूर्ण जीवन त्यागकर भारत की सेवा का मार्ग चुना।
🔹 3. सामाजिक सुधारों में योगदान
भारत लौटने के बाद अमृत कौर ने महिलाओं की स्थिति सुधारने के लिए सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने
- पर्दा प्रथा
- बाल विवाह
- देवदासी प्रथा
जैसी कुप्रथाओं के खिलाफ आवाज़ उठाई। वे महिलाओं की शिक्षा और स्वास्थ्य को समाज के विकास का आधार मानती थीं।
🔹 4. स्वतंत्रता आंदोलन में भागीदारी
1934 में अमृत कौर महात्मा गांधी के संपर्क में आईं और सेवाग्राम आश्रम से जुड़ गईं। उन्होंने
- नमक सत्याग्रह
- भारत छोड़ो आंदोलन
- विदेशी वस्त्र बहिष्कार
जैसे आंदोलनों में भाग लिया। इसके लिए उन्हें कई बार जेल भी जाना पड़ा।
🔹 5. स्वतंत्र भारत की पहली स्वास्थ्य मंत्री
भारत की आज़ादी के बाद 1947 में अमृत कौर को स्वतंत्र भारत की पहली स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया। इस पद पर रहते हुए उन्होंने देश में सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने का बीड़ा उठाया।
🔹 6. एम्स (AIIMS) की स्थापना का विचार
अमृत कौर का मानना था कि भारत को एक ऐसे चिकित्सा संस्थान की आवश्यकता है, जो
- उच्च स्तरीय चिकित्सा शिक्षा
- उन्नत अनुसंधान
- विश्वस्तरीय उपचार
प्रदान कर सके। इसी सोच से AIIMS की अवधारणा जन्मी।
🔹 7. संसद में एम्स विधेयक
1956 में, अमृत कौर ने संसद में AIIMS विधेयक प्रस्तुत किया। उनके प्रयासों से दिल्ली में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हुआ। यह संस्थान आगे चलकर भारत का सर्वोच्च चिकित्सा संस्थान बना।
🔹 8. एम्स का राष्ट्रीय महत्व
AIIMS ने न केवल भारत में, बल्कि विश्व स्तर पर चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान में भारत को पहचान दिलाई। आज देश के विभिन्न राज्यों में AIIMS की शाखाएँ उसी दूरदृष्टि का परिणाम हैं, जिसकी नींव अमृत कौर ने रखी थी।
🔹 9. अमृत कौर की विरासत
अमृत कौर का जीवन त्याग, सेवा और राष्ट्र निर्माण का प्रतीक है। उन्होंने यह सिद्ध किया कि स्वास्थ्य और शिक्षा किसी भी देश की वास्तविक शक्ति होते हैं।
🔹 10. निष्कर्ष (Conclusion)
एम्स की स्थापना केवल एक संस्थान की शुरुआत नहीं थी, बल्कि यह आधुनिक भारत के स्वास्थ्य ढांचे की आधारशिला थी। इस महान कार्य के पीछे राजकुमारी अमृत कौर की दूरदृष्टि, दृढ़ संकल्प और निस्वार्थ सेवा भावना निहित थी।
📘 एम्स व अमृत कौर पर आधारित 10 MCQ प्रश्न
Q1. अमृत कौर का जन्म कब हुआ था?
A) 1885
B) 1889 ✅
C) 1892
D) 1901
Q2. अमृत कौर का जन्मस्थान कहाँ था?
A) दिल्ली
B) लखनऊ ✅
C) कपूरथला
D) इलाहाबाद
Q3. अमृत कौर स्वतंत्र भारत की कौन-सी मंत्री थीं?
A) शिक्षा मंत्री
B) गृह मंत्री
C) स्वास्थ्य मंत्री ✅
D) महिला एवं बाल मंत्री
Q4. AIIMS की स्थापना किस वर्ष हुई?
A) 1950
B) 1952
C) 1956 ✅
D) 1960
Q5. AIIMS का पूरा नाम क्या है?
A) All Indian Institute of Medical Science
B) All India Institute of Medical Sciences ✅
C) Advanced Indian Institute of Medicine
D) National Medical Institute
Q6. अमृत कौर किस आंदोलन से जुड़ी थीं?
A) सविनय अवज्ञा
B) नमक सत्याग्रह ✅
C) स्वदेशी आंदोलन
D) होम रूल आंदोलन
Q7. अमृत कौर गांधीजी के किस आश्रम से जुड़ी थीं?
A) साबरमती
B) सेवाग्राम ✅
C) वर्धा
D) पोरबंदर
Q8. AIIMS विधेयक संसद में किसने पेश किया?
A) नेहरू
B) राजेन्द्र प्रसाद
C) अमृत कौर ✅
D) मौलाना आज़ाद
Q9. अमृत कौर ने किन सामाजिक कुरीतियों का विरोध किया?
A) पर्दा प्रथा
B) बाल विवाह
C) देवदासी प्रथा
D) उपरोक्त सभी ✅
Q10. अमृत कौर का मुख्य योगदान किस क्षेत्र में था?
A) विज्ञान
B) कला
C) स्वास्थ्य और समाज सुधार ✅
D) उद्योग

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