किशोर कुमार - आवाज़ का जादूगर
Kishore Kumar - Voice Magic Legend
बहुआयामी कलाकार और अनोखी पहचान
Multitalented Artist with Unique Identity
किशोर कुमार – आवाज़ का जादूगर
भारतीय सिनेमा और संगीत जगत में किशोर कुमार का नाम आते ही एक ऐसी आवाज़ की गूंज सुनाई देती है, जो हर पीढ़ी के दिलों को छू जाती है। उनका जन्म 4 अगस्त 1929 को मध्य प्रदेश के खंडवा में हुआ था। उनका वास्तविक नाम आभास कुमार गांगुली था, लेकिन दुनिया उन्हें किशोर कुमार के नाम से जानती है। वे न केवल एक महान गायक थे, बल्कि अभिनेता, संगीतकार, गीतकार, निर्देशक और लेखक भी थे।
किशोर कुमार की सबसे बड़ी पहचान उनकी अनूठी और भावपूर्ण आवाज़ थी। वे रोमांटिक गीत हों, दुख भरे नग़मे हों या फिर हल्के-फुल्के हास्य गीत—हर शैली में जान डाल देते थे। “रूप तेरा मस्ताना”, “मेरे सपनों की रानी”, “दिल ऐसा किसी ने मेरा तोड़ा” जैसे गीत आज भी उतने ही लोकप्रिय हैं, जितने अपने समय में थे।
अभिनय के क्षेत्र में भी किशोर कुमार ने अलग पहचान बनाई। फ़िल्म चलती का नाम गाड़ी, हाफ टिकट और पड़ोसन में उनका हास्य अभिनय दर्शकों को आज भी हँसाता है। उनकी कॉमिक टाइमिंग और स्वाभाविक अभिनय शैली उन्हें अन्य कलाकारों से अलग बनाती थी।
किशोर कुमार का व्यक्तित्व जितना प्रतिभाशाली था, उतना ही बेबाक और स्वतंत्र सोच वाला भी था। वे नियमों में बंधकर काम करना पसंद नहीं करते थे। यही कारण है कि वे अक्सर सुर्खियों में रहते थे। फिर भी, उनकी सादगी और इंसानियत उन्हें एक सच्चा कलाकार बनाती थी।
उन्हें चार बार राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनकी गायकी की गहराई और प्रभाव का प्रमाण है। किशोर कुमार ने हिंदी के अलावा बंगाली, मराठी और अन्य भाषाओं में भी गीत गाए, जिससे उनकी लोकप्रियता और व्यापक हो गई।
13 अक्टूबर 1987 को उनका निधन हो गया, लेकिन उनकी आवाज़ आज भी ज़िंदा है। रेडियो, टीवी, मोबाइल और मंचों पर किशोर कुमार के गीत आज भी लोगों की पहली पसंद हैं। वे केवल एक गायक नहीं, बल्कि भारतीय संगीत की आत्मा थे।

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