उत्तर-पूर्व भारत के ‘सेवन सिस्टर्स’ राज्यों में एक प्रमुख राज्य
Assam – Seven Sisters of North East India | असम का इतिहास, संस्कृति और महत्व
भारत के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र को उसकी भौगोलिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विविधता के लिए जाना जाता है। इस क्षेत्र के सात राज्यों को सामूहिक रूप से “सेवन सिस्टर्स” (Seven Sisters) कहा जाता है। ये राज्य हैं—असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिज़ोरम, नागालैंड और त्रिपुरा। इनमें असम सबसे बड़ा, सबसे अधिक जनसंख्या वाला और आर्थिक दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण राज्य माना जाता है।
असम भारत के उत्तर-पूर्वी भाग में स्थित है और इसकी राजधानी दिसपुर है। यह राज्य अपनी विशाल ब्रह्मपुत्र नदी घाटी, हरे-भरे चाय बागानों, समृद्ध जैव विविधता और अनोखी संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है। असम की सीमाएँ अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिज़ोरम, त्रिपुरा, मेघालय, पश्चिम बंगाल और भूटान से लगती हैं, जिससे इसका सामरिक और भौगोलिक महत्व और बढ़ जाता है।
असम का इतिहास अत्यंत प्राचीन है। प्राचीन काल में इसे प्राग्ज्योतिषपुर और कामरूप के नाम से जाना जाता था। अहोम वंश ने लगभग 600 वर्षों तक असम पर शासन किया और राज्य की प्रशासनिक, सांस्कृतिक और सैन्य संरचना को मजबूत बनाया। ब्रिटिश काल में असम चाय उत्पादन और तेल संसाधनों के कारण विशेष रूप से महत्वपूर्ण बन गया।
असम की संस्कृति अत्यंत रंगीन और विविध है। यहाँ का प्रमुख त्योहार बिहू है, जो कृषि चक्र से जुड़ा हुआ है और वर्ष में तीन बार मनाया जाता है—रंगाली बिहू, कोंगाली बिहू और भोगाली बिहू। असमिया नृत्य, लोकगीत और हस्तशिल्प राज्य की सांस्कृतिक पहचान को दर्शाते हैं। असमिया भाषा यहाँ की प्रमुख भाषा है, लेकिन कई जनजातीय भाषाएँ भी बोली जाती हैं।
प्राकृतिक दृष्टि से असम अत्यंत समृद्ध है। यहाँ स्थित काज़ीरंगा राष्ट्रीय उद्यान एक-सींग वाले गैंडे के लिए विश्व प्रसिद्ध है और यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल भी है। इसके अलावा मानस राष्ट्रीय उद्यान, नामेरी और डिब्रू-सैखोवा जैसे अभयारण्य राज्य की जैव विविधता को दर्शाते हैं।
आर्थिक रूप से असम उत्तर-पूर्व भारत का केंद्र माना जाता है। चाय, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस और कृषि यहाँ की अर्थव्यवस्था के मुख्य आधार हैं। असम भारत का सबसे बड़ा चाय उत्पादक राज्य है और “असम टी” को अंतरराष्ट्रीय पहचान प्राप्त है।
निष्कर्षतः, असम ‘सेवन सिस्टर्स’ राज्यों में एक प्रमुख सदस्य है, जो उत्तर-पूर्व भारत की सांस्कृतिक, आर्थिक और भौगोलिक पहचान को मजबूत करता है। इसकी समृद्ध विरासत, प्राकृतिक संसाधन और रणनीतिक स्थिति इसे भारत के विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण बनाते हैं।

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