अनुच्छेद 7 - नागरिकता की जटिल कहानी
Article 7 - Complex Story of Citizenship
पाकिस्तान जाकर लौटे व्यक्तियों की नागरिकता का संवैधानिक प्रावधान
Constitutional Provision for Citizenship of Persons Who Migrated to Pakistan
कहानी के रूप में लेख: भारतीय संविधान का अनुच्छेद 7
भारत विभाजन के बाद का समय केवल सीमाओं के बँटवारे का नहीं था, बल्कि लोगों की पहचान, नागरिकता और भविष्य से जुड़े कठिन निर्णयों का दौर भी था। उत्तर भारत के एक कस्बे संकल्पनगर में 17 वर्षीय युवक राहुल अपने दादा के साथ रहता था। उसके परिवार की कहानी कुछ अलग थी—उसके चाचा विभाजन के समय पाकिस्तान चले गए थे और बाद में भारत लौट आए थे।
एक दिन विद्यालय में इतिहास की अध्यापिका ने छात्रों को कार्य दिया—
“भारतीय संविधान के अनुच्छेद 7 को कहानी के रूप में समझाओ।”
राहुल सोच में पड़ गया। उसने दादा जी से अपने परिवार की कहानी पूछी। दादा जी ने गंभीर स्वर में कहा,
“बेटा, यही तो अनुच्छेद 7 की कहानी है।”
दादा जी ने बताया कि विभाजन के समय कुछ लोग भारत से पाकिस्तान चले गए थे, लेकिन बाद में वे फिर भारत लौट आए। ऐसे लोगों की नागरिकता को लेकर भ्रम की स्थिति थी। इसी समस्या का समाधान करता है अनुच्छेद 7।
उन्होंने समझाया,
“अनुच्छेद 7 कहता है कि जो व्यक्ति 1 मार्च 1947 के बाद भारत से पाकिस्तान चला गया, वह सामान्य रूप से भारत का नागरिक नहीं माना जाएगा।”
राहुल चौंक गया।
“तो फिर जो लोग लौट आए, उनका क्या हुआ?”
दादा जी बोले,
“यदि कोई व्यक्ति पाकिस्तान जाकर बाद में भारत लौटना चाहता था, तो उसे सरकार से पुनर्वास या पुनः प्रवेश की अनुमति (permit) लेनी पड़ती थी। यदि यह अनुमति मिल जाती थी, तभी उसे नागरिकता का अधिकार मिल सकता था।”
राहुल को समझ आने लगा कि संविधान ने भावनाओं के बजाय व्यवस्था और सुरक्षा को प्राथमिकता दी।
दादा जी ने आगे कहा,
“अनुच्छेद 7 इसलिए बनाया गया ताकि नागरिकता का दुरुपयोग न हो और देश की सुरक्षा बनी रहे। यह अनुच्छेद अनुच्छेद 5 और 6 का अपवाद है।”
राहुल ने महसूस किया कि संविधान केवल उदार ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक भी है।
जहाँ अनुच्छेद 6 ने पाकिस्तान से आए शरणार्थियों को नागरिकता दी, वहीं अनुच्छेद 7 ने यह स्पष्ट किया कि बिना कानूनी प्रक्रिया के लौटने पर नागरिकता स्वतः नहीं मिलेगी।
उस रात राहुल ने अपनी कॉपी में लिखा—
“अनुच्छेद 7 हमें सिखाता है कि नागरिकता केवल भावना नहीं, बल्कि कानून, जिम्मेदारी और राष्ट्रहित का विषय है।”
अगले दिन जब राहुल ने कक्षा में अपनी कहानी सुनाई, अध्यापिका ने कहा,
“तुमने अनुच्छेद 7 की जटिलता को बहुत सरल शब्दों में समझाया है।”
राहुल के मन में अब एक नई समझ थी—
भारतीय संविधान न केवल अधिकार देता है, बल्कि देश की सुरक्षा और व्यवस्था का संतुलन भी बनाए रखता है।
अनुच्छेद 7 इसी संतुलन का प्रतीक है।
Related 10 MCQ Questions (Article 7)
1. भारतीय संविधान का अनुच्छेद 7 किससे संबंधित है?
A) मौलिक अधिकार
B) चुनाव प्रक्रिया
C) पाकिस्तान जाकर लौटे लोगों की नागरिकता
D) राष्ट्रपति शक्तियाँ
✅ Answer: C
2. अनुच्छेद 7 किस भाग में आता है?
A) भाग I
B) भाग II
C) भाग III
D) भाग IV
✅ Answer: B
3. अनुच्छेद 7 किन अनुच्छेदों का अपवाद है?
A) अनुच्छेद 3 और 4
B) अनुच्छेद 5 और 6
C) अनुच्छेद 8
D) अनुच्छेद 9
✅ Answer: B
4. अनुच्छेद 7 किस ऐतिहासिक घटना से जुड़ा है?
A) 1857 का विद्रोह
B) आपातकाल
C) भारत-पाक विभाजन
D) संविधान संशोधन
✅ Answer: C
5. कौन-सी तिथि अनुच्छेद 7 में महत्वपूर्ण है?
A) 26 जनवरी 1950
B) 15 अगस्त 1947
C) 1 मार्च 1947
D) 19 जुलाई 1948
✅ Answer: C
6. पाकिस्तान जाकर लौटे व्यक्ति को नागरिकता के लिए क्या आवश्यक था?
A) मतदान
B) सरकारी अनुमति (Permit)
C) कर भुगतान
D) पासपोर्ट
✅ Answer: B
7. अनुच्छेद 7 का मुख्य उद्देश्य क्या है?
A) उदारता दिखाना
B) नागरिकता देना
C) राष्ट्रीय सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखना
D) सीमा विस्तार
✅ Answer: C
8. अनुच्छेद 7 किस प्रकार की नागरिकता को सीमित करता है?
A) जन्म आधारित
B) वंश आधारित
C) प्रवासन आधारित
D) दोहरी
✅ Answer: C
9. क्या अनुच्छेद 7 आज नए मामलों में लागू होता है?
A) हाँ
B) कभी-कभी
C) नहीं
D) आपातकाल में
✅ Answer: C
10. अनुच्छेद 7 संविधान की किस विशेषता को दर्शाता है?
A) कठोरता
B) केवल करुणा
C) व्यावहारिक संतुलन
D) केंद्रीकरण
✅ Answer: C

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