आठ आधारभूत उद्योगों का सूचकांक (IIP का आधार)
Index of Eight Core Industries (ECI) in India
भारत की अर्थव्यवस्था में कुछ उद्योग ऐसे हैं, जो औद्योगिक उत्पादन, अवसंरचना विकास और समग्र आर्थिक वृद्धि की दिशा तय करते हैं। इन्हीं उद्योगों के प्रदर्शन को मापने के लिए आठ आधारभूत उद्योगों का सूचकांक (Index of Eight Core Industries – ECI) प्रयोग में लाया जाता है। यह सूचकांक भारत सरकार द्वारा तैयार किया जाता है और औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (Index of Industrial Production – IIP) का एक महत्वपूर्ण घटक माना जाता है।
आठ आधारभूत उद्योगों का सूचकांक देश की औद्योगिक सेहत का त्वरित संकेतक होता है। इन उद्योगों का IIP में लगभग 40 प्रतिशत से अधिक योगदान होता है, इसलिए इनके उत्पादन में वृद्धि या गिरावट का सीधा असर पूरी अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। यह सूचकांक हर महीने जारी किया जाता है, जिससे नीति-निर्माताओं, अर्थशास्त्रियों और निवेशकों को ताज़ा जानकारी मिलती रहती है।
आठ आधारभूत उद्योग कौन-कौन से हैं?
भारत में आठ आधारभूत उद्योगों के सूचकांक की गणना के लिए निम्नलिखित उद्योगों को शामिल किया जाता है:
- कोयला (Coal)
- कच्चा तेल (Crude Oil)
- प्राकृतिक गैस (Natural Gas)
- रिफाइनरी उत्पाद (Refinery Products)
- उर्वरक (Fertilizers)
- इस्पात/लोहा-इस्पात (Steel)
- सीमेंट (Cement)
- विद्युत/बिजली (Electricity)
इन उद्योगों को “आधारभूत” इसलिए कहा जाता है क्योंकि इनका उपयोग लगभग सभी अन्य उद्योगों और सेवाओं में किसी न किसी रूप में होता है।
सूचकांक का महत्व
आठ आधारभूत उद्योगों का सूचकांक कई दृष्टियों से महत्वपूर्ण है:
- औद्योगिक विकास का संकेतक: यह बताता है कि देश में औद्योगिक गतिविधियाँ तेज़ हो रही हैं या धीमी।
- नीतिगत निर्णयों में सहायक: सरकार इस सूचकांक के आधार पर औद्योगिक, ऊर्जा और अवसंरचना नीतियाँ तय करती है।
- निवेशकों के लिए मार्गदर्शक: उत्पादन में वृद्धि निवेश के अनुकूल माहौल को दर्शाती है।
- रोज़गार और विकास: इन उद्योगों में वृद्धि से रोजगार के अवसर बढ़ते हैं और आर्थिक विकास को गति मिलती है।
कौन जारी करता है यह सूचकांक?
आठ आधारभूत उद्योगों का सूचकांक उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT), वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी किया जाता है। यह हर महीने पिछले महीने के उत्पादन आँकड़ों के आधार पर प्रकाशित होता है।
निष्कर्ष
भारत में आठ आधारभूत उद्योगों—कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, इस्पात, सीमेंट और बिजली—का उपयोग आठ आधारभूत उद्योगों के सूचकांक की गणना के लिए किया जाता है। यह सूचकांक भारतीय अर्थव्यवस्था की नब्ज़ की तरह काम करता है और देश के औद्योगिक विकास की दिशा व गति को समझने में अत्यंत उपयोगी है।
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