Article 6 - Story of Migrant Citizenship

अनुच्छेद 6 - नागरिकता की ऐतिहासिक कहानी
Article 6 -  Story of Migrant Citizenship

Article 6 -  Story of Migrant Citizenship


पाकिस्तान से भारत आए लोगों की नागरिकता का संवैधानिक आधार
Constitutional Provision for Citizenship of Migrants from Pakistan

कहानी के रूप में लेख: भारतीय संविधान का अनुच्छेद 6

विभाजन के बाद का भारत कई भावनाओं, संघर्षों और नई उम्मीदों से भरा हुआ था। उत्तर भारत के एक शरणार्थी शिविर में 16 वर्षीय किशोर अमन अपने परिवार के साथ रहता था। उसका परिवार पाकिस्तान के लाहौर से भारत आया था। अमन के मन में अक्सर एक सवाल उठता था—
“क्या हम सच में भारत के नागरिक हैं?”

एक दिन शिविर में आए एक वृद्ध स्वयंसेवक ने बच्चों को संविधान के बारे में बताना शुरू किया। उन्होंने कहा,
“आज मैं तुम्हें भारतीय संविधान के अनुच्छेद 6 की कहानी सुनाता हूँ।”

अमन ध्यान से सुनने लगा।

स्वयंसेवक ने बताया कि जब 1947 में भारत-पाकिस्तान का विभाजन हुआ, तो लाखों लोग पाकिस्तान से भारत आए। ऐसे में यह तय करना बहुत ज़रूरी था कि इन लोगों को भारत की नागरिकता कैसे मिले। इसी उद्देश्य से संविधान में अनुच्छेद 6 जोड़ा गया।

उन्होंने कहा,
“अनुच्छेद 6 उन लोगों से संबंधित है जो पाकिस्तान से भारत आए, और जो भारत में स्थायी रूप से बसना चाहते थे।”

अमन ने पूछा,
“क्या हर आने वाला व्यक्ति नागरिक बन सकता था?”

स्वयंसेवक ने उत्तर दिया,
“नहीं बेटा। अनुच्छेद 6 के अनुसार, नागरिकता पाने के लिए कुछ शर्तें थीं—
यदि कोई व्यक्ति 19 जुलाई 1948 से पहले भारत आ गया था और वह यहाँ रह रहा था, तो वह भारत का नागरिक माना जा सकता था।
यदि कोई व्यक्ति 19 जुलाई 1948 के बाद आया, तो उसे पंजीकरण कराना अनिवार्य था।”

अमन को समझ आने लगा कि संविधान ने इस संवेदनशील स्थिति को कितनी समझदारी से संभाला।

स्वयंसेवक ने आगे कहा,
“अनुच्छेद 6 ने यह सुनिश्चित किया कि जो लोग मजबूरी में अपना घर छोड़कर आए, उन्हें सम्मान, पहचान और सुरक्षा मिले।”

अमन की आँखों में चमक आ गई। उसे लगा कि संविधान केवल कानून की किताब नहीं, बल्कि लोगों के दर्द और आशाओं को समझने वाला दस्तावेज़ है।

उन्होंने कहा,
“अनुच्छेद 6 भारत की मानवीय संवैधानिक सोच का प्रतीक है। यह बताता है कि भारत ने शरणार्थियों को अपनाया और उन्हें नागरिक बनने का अवसर दिया।”

उस दिन अमन ने पहली बार गर्व से कहा—
“हाँ, मैं भारत का नागरिक हूँ।”

घर लौटकर अमन ने अपने स्कूल प्रोजेक्ट में यह कहानी लिखी। जब शिक्षक ने पढ़ा तो बोले,
“तुमने अनुच्छेद 6 को सिर्फ पढ़ा नहीं, उसे महसूस किया है।”

इस प्रकार, अनुच्छेद 6 न केवल नागरिकता का प्रावधान है, बल्कि भारत के इतिहास, करुणा और लोकतांत्रिक मूल्यों की जीवंत कहानी भी है।

Related 10 MCQ Questions (Article 6)

1. भारतीय संविधान का अनुच्छेद 6 किससे संबंधित है?
A) विदेश नीति
B) मौलिक अधिकार
C) पाकिस्तान से आए प्रवासियों की नागरिकता
D) राष्ट्रपति चुनाव
Answer: C

2. अनुच्छेद 6 किस भाग में आता है?
A) भाग I
B) भाग II
C) भाग III
D) भाग V
Answer: B

3. अनुच्छेद 6 किस ऐतिहासिक घटना से जुड़ा है?
A) 1857 का विद्रोह
B) भारत-पाक विभाजन
C) आपातकाल
D) हरित क्रांति
Answer: B

4. 19 जुलाई 1948 का क्या महत्व है?
A) संविधान लागू होने की तिथि
B) नागरिकता अधिनियम
C) नागरिकता के लिए समय-सीमा
D) चुनाव तिथि
Answer: C

5. 19 जुलाई 1948 के बाद आने वालों को क्या करना अनिवार्य था?
A) मतदान
B) कर भुगतान
C) पंजीकरण
D) पासपोर्ट बनवाना
Answer: C

6. अनुच्छेद 6 किस प्रकार की नागरिकता से जुड़ा है?
A) विदेशी
B) अस्थायी
C) प्रवास आधारित नागरिकता
D) दोहरी
Answer: C

7. अनुच्छेद 6 का मुख्य उद्देश्य क्या था?
A) सीमा निर्धारण
B) शरणार्थियों को नागरिकता देना
C) कानून बनाना
D) सेना नियंत्रण
Answer: B

8. अनुच्छेद 6 किस देश से आए लोगों पर लागू होता है?
A) नेपाल
B) बांग्लादेश
C) श्रीलंका
D) पाकिस्तान
Answer: D

9. क्या अनुच्छेद 6 आज भी नए नागरिक बनाता है?
A) हाँ
B) कभी-कभी
C) नहीं
D) विशेष आदेश से
Answer: C

10. अनुच्छेद 6 भारतीय संविधान की किस भावना को दर्शाता है?
A) कठोरता
B) शक्ति
C) मानवीयता और करुणा
D) दंड
Answer: C

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