आधुनिक दूरसंचार की ऐतिहासिक शुरुआत
Historic Beginning of Modern Telecommunication
दुनिया का पहला वाणिज्यिक टेलीफोन एक्सचेंज
आज मोबाइल और इंटरनेट के युग में संचार हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुका है, लेकिन इसकी शुरुआत एक साधारण तकनीकी नवाचार से हुई थी—टेलीफोन। टेलीफोन के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर दुनिया का पहला वाणिज्यिक टेलीफोन एक्सचेंज है, जिसकी स्थापना 1878 में अमेरिका के कनेक्टिकट राज्य के न्यू हेवन शहर में की गई थी। इसे आधुनिक दूरसंचार व्यवस्था की नींव माना जाता है।
इस ऐतिहासिक टेलीफोन एक्सचेंज की स्थापना जॉर्ज विलियम कॉय (George W. Coy) ने की थी। यह एक्सचेंज एक छोटे से भवन में शुरू हुआ और प्रारंभ में केवल 21 ग्राहकों को सेवा प्रदान करता था। उस समय टेलीफोन एक नया और आश्चर्यजनक आविष्कार था, इसलिए इसका उपयोग सीमित लोगों तक ही था। फिर भी, यह प्रयोग इतना सफल रहा कि आगे चलकर पूरी दुनिया में टेलीफोन नेटवर्क फैल गया।
पहले टेलीफोन एक्सचेंज की कार्यप्रणाली आज के डिजिटल सिस्टम से बिल्कुल अलग थी। उस समय मैनुअल स्विचबोर्ड का प्रयोग किया जाता था। कॉल करने के लिए उपयोगकर्ता को ऑपरेटर से जुड़ना पड़ता था, जो तारों को जोड़कर कॉल मिलाता था। फोन उठाते समय आज की तरह “हैलो” नहीं कहा जाता था, बल्कि लोग अक्सर “अहॉय-अहॉय” कहकर बातचीत शुरू करते थे।
इस वाणिज्यिक टेलीफोन एक्सचेंज की सबसे बड़ी विशेषता यह थी कि इसने टेलीफोन को एक व्यक्तिगत उपकरण से सार्वजनिक सेवा में बदल दिया। इससे व्यापार, प्रशासन और सामाजिक जीवन में संचार की गति तेज हुई। लोग अब दूर बैठे व्यक्तियों से तुरंत संपर्क कर सकते थे, जिससे समय और श्रम दोनों की बचत हुई।
पहले टेलीफोन एक्सचेंज की सफलता ने अमेरिका ही नहीं, बल्कि यूरोप और एशिया में भी टेलीफोन सेवाओं के विस्तार का मार्ग प्रशस्त किया। धीरे-धीरे स्वचालित एक्सचेंज, डायल सिस्टम और बाद में डिजिटल तकनीक का विकास हुआ। आज हम जिस उन्नत दूरसंचार प्रणाली का उपयोग कर रहे हैं, उसकी जड़ें उसी छोटे से एक्सचेंज में छिपी हैं।
निष्कर्षतः, 1878 में स्थापित पहला वाणिज्यिक टेलीफोन एक्सचेंज मानव इतिहास में संचार क्रांति की शुरुआत था। इसने दुनिया को एक-दूसरे के और करीब लाने में अहम भूमिका निभाई और आधुनिक सूचना युग की नींव रखी।

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