लाल किला: मुगल सम्राटों का निवास
Red Fort: Residence of Mughal Emperors
1857 तक सत्ता का ऐतिहासिक केंद्र
Historic Seat of Power till 1857
लाल किला (Red Fort) भारतीय इतिहास का एक ऐसा स्मारक है, जो लगभग 200 वर्षों तक भारत के मुगल सम्राटों का निवास स्थान रहा। यह ऐतिहासिक दुर्ग दिल्ली में स्थित है और मुगल शासन की राजनीतिक, सांस्कृतिक और प्रशासनिक शक्ति का प्रमुख केंद्र था। 1638 ई. से 1857 ई. तक, अर्थात अंतिम मुगल सम्राट बहादुर शाह ज़फर के शासनकाल तक, लाल किला मुगल सत्ता का प्रतीक बना रहा।
लाल किले का निर्माण मुगल सम्राट शाहजहाँ ने करवाया था। जब शाहजहाँ ने आगरा के स्थान पर राजधानी को दिल्ली स्थानांतरित करने का निर्णय लिया, तब उसने यमुना नदी के तट पर एक भव्य किले का निर्माण आरंभ कराया। यह किला 1648 ई. में पूर्ण हुआ और इसे उस समय शाहजहानाबाद का प्रमुख भाग माना जाता था। लाल बलुआ पत्थर से निर्मित होने के कारण इसे “लाल किला” कहा गया।
यह किला केवल एक आवास नहीं था, बल्कि मुगल साम्राज्य की प्रशासनिक गतिविधियों का केंद्र भी था। यहीं से फरमान जारी होते थे, दरबार सजते थे और साम्राज्य की नीतियाँ तय की जाती थीं। दीवान-ए-आम, दीवान-ए-ख़ास, रंग महल, मुमताज़ महल और नक्कारखाना जैसे भवन इसकी भव्यता को दर्शाते हैं। विदेशी यात्रियों और इतिहासकारों ने इसे मुगल स्थापत्य कला का उत्कृष्ट उदाहरण माना है।
समय के साथ मुगल साम्राज्य कमजोर होता गया, लेकिन लाल किला मुगल सम्राटों का औपचारिक निवास बना रहा। 18वीं शताब्दी में वास्तविक सत्ता मराठों और फिर अंग्रेजों के हाथों में चली गई, फिर भी मुगल सम्राट लाल किले में रहते रहे। 1857 की क्रांति के दौरान अंतिम मुगल सम्राट बहादुर शाह ज़फर यहीं निवास कर रहे थे।
1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के बाद अंग्रेजों ने बहादुर शाह ज़फर को गिरफ्तार कर रंगून निर्वासित कर दिया। इसके साथ ही लाल किला मुगल सम्राटों के निवास के रूप में समाप्त हो गया। अंग्रेजों ने किले के कई हिस्सों को नष्ट कर सैन्य उपयोग में ले लिया। इस प्रकार लगभग 200 वर्षों तक मुगल सम्राटों का निवास स्थान रहा लाल किला, इतिहास के एक युग का अंत दर्शाता है।
निष्कर्षतः, लाल किला केवल एक ऐतिहासिक इमारत नहीं, बल्कि मुगल सत्ता, संस्कृति और भारत के राजनीतिक इतिहास का सजीव प्रतीक है। आज यह भारतीय स्वतंत्रता और गौरव का भी प्रतीक बन चुका है, जहाँ से हर वर्ष 15 अगस्त को प्रधानमंत्री राष्ट्र को संबोधित करते हैं।

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