राज्यवर्धन सिंह राठौड़ प्रेरणादायक जीवन
Rajyavardhan Singh Rathore Inspiring Journey
राज्यवर्धन सिंह राठौड़ – कारगिल से ओलंपिक तक
राज्यवर्धन सिंह राठौड़ भारतीय सेना, खेल और राजनीति—तीनों क्षेत्रों में अपनी अलग पहचान बनाने वाले व्यक्तित्व हैं। उनका जीवन अनुशासन, साहस और निरंतर परिश्रम की प्रेरक मिसाल है। वे उन गिने-चुने भारतीयों में शामिल हैं जिन्होंने युद्धभूमि और ओलंपिक मंच, दोनों पर देश का नाम रोशन किया।
राज्यवर्धन सिंह राठौड़ का जन्म 29 जनवरी 1970 को राजस्थान के जैसलमेर जिले में हुआ। बचपन से ही उनमें देशसेवा का जज़्बा था। इसी भावना के साथ उन्होंने भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) से प्रशिक्षण प्राप्त किया और वर्ष 1990 में 9वीं ग्रेनेडियर्स (मेवाड़) रेजिमेंट में कमीशन प्राप्त किया।
सेना में रहते हुए उन्होंने जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियानों और 1999 के कारगिल युद्ध में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाईं। एक सैन्य अधिकारी के रूप में उनकी बहादुरी, नेतृत्व क्षमता और अनुशासन ने उन्हें विशिष्ट पहचान दिलाई। इसी दौरान उन्होंने निशानेबाजी में गहरी रुचि विकसित की और अपने कौशल को निरंतर निखारा।
राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए 2004 एथेंस ओलंपिक में पुरुषों की डबल ट्रैप शूटिंग प्रतियोगिता में रजत पदक जीता। यह उपलब्धि ऐतिहासिक थी क्योंकि वे स्वतंत्र भारत के पहले ऐसे खिलाड़ी बने जिन्होंने शूटिंग में ओलंपिक पदक जीता। उनकी इस सफलता ने भारत में निशानेबाजी खेल को नई पहचान और प्रेरणा दी।
ओलंपिक के बाद भी वे सेना में सक्रिय रहे और वर्ष 2013 में कर्नल पद से सेवानिवृत्त हुए। सेना से विदाई के बाद उन्होंने देशसेवा के एक नए मार्ग के रूप में राजनीति को चुना। वे भारतीय जनता पार्टी (BJP) से जुड़े और 2014 में जयपुर ग्रामीण लोकसभा सीट से सांसद बने।
राजनीति में भी उन्होंने खेल, युवाओं और सामाजिक विकास से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने केंद्रीय मंत्री के रूप में सूचना एवं प्रसारण तथा खेल मामलों से जुड़े दायित्व संभाले। उनका मानना है कि खेल न केवल स्वास्थ्य बल्कि चरित्र निर्माण का भी सशक्त माध्यम है।
निष्कर्षतः, राज्यवर्धन सिंह राठौड़ का जीवन यह सिखाता है कि अनुशासन, समर्पण और लक्ष्य के प्रति ईमानदारी से कोई भी व्यक्ति कई क्षेत्रों में उत्कृष्टता प्राप्त कर सकता है। वे आज भी युवाओं के लिए एक प्रेरणास्रोत बने हुए हैं।

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