पहली बार आपराधिक मामले पॉलीग्राफ टेस्ट | First Polygraph Test in Criminal Case

 

पहली बार आपराधिक मामले पॉलीग्राफ टेस्ट  | First Polygraph Test in Criminal Case

झूठ पकड़ने की तकनीक की शुरुआत
Beginning of Lie Detection Technology

पहली बार आपराधिक मामले में किया गया पॉलीग्राफ टेस्ट

🔹 1. भूमिका (Introduction)

अपराध की जांच में सच्चाई और झूठ के बीच अंतर करना हमेशा से एक बड़ी चुनौती रहा है। अपराधी अक्सर बयान बदलते हैं या तथ्यों को छिपाने का प्रयास करते हैं। ऐसे में वैज्ञानिक तकनीकों की आवश्यकता महसूस की गई। इसी आवश्यकता से जन्म हुआ पॉलीग्राफ टेस्ट, जिसे आम भाषा में लाई डिटेक्टर टेस्ट कहा जाता है। इतिहास में पहली बार 2 फरवरी 1935 में अमेरिका में इसे आपराधिक जांच में प्रयोग किया गया।

🔹 2. पॉलीग्राफ टेस्ट क्या है?

पॉलीग्राफ टेस्ट एक वैज्ञानिक परीक्षण है, जिसमें व्यक्ति के शारीरिक प्रतिक्रियाओं को मापा जाता है।
इसमें मुख्य रूप से यह रिकॉर्ड किया जाता है—

  • हृदय गति
  • रक्तचाप
  • सांस लेने की गति
  • त्वचा की विद्युत प्रतिक्रिया

मान्यता यह है कि जब व्यक्ति झूठ बोलता है, तो उसके शरीर में अनैच्छिक बदलाव होते हैं।

🔹 3. 1935: ऐतिहासिक प्रयोग

1935 में अमेरिका के आपराधिक वैज्ञानिक लियोनार्ड कीलर (Leonarde Keeler) ने पहली बार आपराधिक जांच में पॉलीग्राफ टेस्ट का सफल प्रयोग किया। यह प्रयोग अपराध की जांच में एक मील का पत्थर साबित हुआ। इससे पहले यह तकनीक केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित थी।

🔹 4. झूठ पकड़ने वाली मशीन

पॉलीग्राफ मशीन को आमतौर पर झूठ पकड़ने वाली मशीन कहा जाता है। इसमें कई सेंसर व्यक्ति के शरीर से जुड़े होते हैं। जैसे ही सवाल पूछे जाते हैं, मशीन व्यक्ति की शारीरिक प्रतिक्रियाओं को ग्राफ के रूप में दर्ज करती है।

🔹 5. पहले मामले का परिणाम

1935 में किए गए इस पहले पॉलीग्राफ टेस्ट के दौरान प्राप्त संकेतों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर दो संदिग्धों को अदालत ने दोषी करार दिया। इस घटना के बाद पॉलीग्राफ टेस्ट को जांच एजेंसियों द्वारा गंभीरता से अपनाया जाने लगा।

🔹 6. आपराधिक जांच में महत्व

पॉलीग्राफ टेस्ट ने पुलिस और जांच एजेंसियों को नई दिशा दी।
इसके प्रमुख लाभ—

  • जांच को सही दिशा मिलती है
  • संदिग्धों की सच्चाई परखने में मदद
  • पूछताछ अधिक प्रभावी बनती है

हालांकि यह टेस्ट सहायक होता है, अंतिम निर्णय अन्य साक्ष्यों पर ही आधारित होता है।

🔹 7. कानूनी स्थिति

अधिकांश देशों में पॉलीग्राफ टेस्ट को निर्णायक साक्ष्य नहीं माना जाता। भारत सहित कई देशों में इसे अदालत में तभी स्वीकार किया जाता है जब व्यक्ति स्वयं इसकी सहमति दे।

🔹 8. विवाद और सीमाएँ

इस टेस्ट को लेकर कई विवाद भी रहे हैं—

  • मानसिक तनाव से परिणाम प्रभावित हो सकते हैं
  • डर या घबराहट से गलत संकेत
  • प्रशिक्षित व्यक्ति मशीन को भ्रमित कर सकता है

इसी कारण इसे सहायक उपकरण माना जाता है, अंतिम सत्य नहीं।

🔹 9. आधुनिक समय में उपयोग

आज पॉलीग्राफ टेस्ट का उपयोग—

  • आपराधिक जांच
  • खुफिया एजेंसियों
  • सुरक्षा जांच
  • संवेदनशील पदों की भर्ती

जैसे क्षेत्रों में किया जाता है।

🔹 10. निष्कर्ष (Conclusion)

1935 में आपराधिक मामले में किया गया पहला पॉलीग्राफ टेस्ट अपराध जांच के इतिहास में एक क्रांतिकारी कदम था। इसने यह सिद्ध किया कि विज्ञान अपराध नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। यद्यपि इसकी सीमाएँ हैं, फिर भी यह आधुनिक जांच प्रणाली का एक अहम हिस्सा बना हुआ है।

📘 पॉलीग्राफ टेस्ट पर आधारित 10 MCQ प्रश्न

Q1. पहली बार आपराधिक मामले में पॉलीग्राफ टेस्ट कब किया गया?
A) 1925
B) 1930
C) 1935 ✅
D) 1940

Q2. पहला पॉलीग्राफ टेस्ट किस देश में हुआ?
A) ब्रिटेन
B) जर्मनी
C) अमेरिका ✅
D) फ्रांस

Q3. पॉलीग्राफ टेस्ट को और किस नाम से जाना जाता है?
A) ब्रेन टेस्ट
B) लाई डिटेक्टर टेस्ट ✅
C) डीएनए टेस्ट
D) मेडिकल टेस्ट

Q4. पॉलीग्राफ मशीन क्या मापती है?
A) आवाज
B) आंखों की गति
C) शारीरिक प्रतिक्रियाएं ✅
D) याददाश्त

Q5. पॉलीग्राफ टेस्ट के जनक कौन माने जाते हैं?
A) एडिसन
B) न्यूटन
C) लियोनार्ड कीलर ✅
D) आइंस्टीन

Q6. पॉलीग्राफ टेस्ट में कौन-सा माप शामिल नहीं है?
A) रक्तचाप
B) सांस की गति
C) त्वचा प्रतिक्रिया
D) डीएनए संरचना ✅

Q7. अदालत में पॉलीग्राफ टेस्ट को कैसे माना जाता है?
A) निर्णायक साक्ष्य
B) सहायक साक्ष्य ✅
C) अवैध
D) अनिवार्य

Q8. पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए क्या आवश्यक है?
A) कोर्ट आदेश
B) पुलिस दबाव
C) व्यक्ति की सहमति ✅
D) मेडिकल रिपोर्ट

Q9. पॉलीग्राफ टेस्ट का मुख्य उद्देश्य क्या है?
A) सजा देना
B) अपराध साबित करना
C) झूठ और सच की पहचान ✅
D) रिकॉर्ड बनाना

Q10. आधुनिक समय में पॉलीग्राफ टेस्ट का उपयोग कहाँ होता है?
A) स्कूल
B) बैंक
C) आपराधिक और सुरक्षा जांच ✅
D) खेल प्रतियोगिता

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