स्वतंत्र भारत का प्रथम मंत्रिमंडल
First Cabinet of Independent India
15 अगस्त 1947 की ऐतिहासिक सरकार
Historic Government Formed on 15 August
स्वतंत्र भारत का प्रथम मंत्रिमंडल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक अत्यंत महत्वपूर्ण अध्याय है। 15 अगस्त 1947 को भारत ब्रिटिश शासन से मुक्त हुआ और उसी दिन देश में एक नई, स्वतंत्र और लोकतांत्रिक सरकार का गठन हुआ। इस सरकार के प्रमुख पंडित जवाहरलाल नेहरू बने, जिन्होंने भारत के प्रथम प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। यह मंत्रिमंडल न केवल प्रशासनिक दृष्टि से, बल्कि राष्ट्रीय एकता और भविष्य की दिशा तय करने के लिए भी ऐतिहासिक था।
स्वतंत्रता के समय भारत अनेक चुनौतियों से जूझ रहा था—देश का विभाजन, शरणार्थियों की समस्या, रियासतों का एकीकरण, आर्थिक कमजोरी और प्रशासनिक पुनर्गठन। इन परिस्थितियों में प्रथम मंत्रिमंडल की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई। इस मंत्रिमंडल में देश के प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी और अनुभवी नेता शामिल थे, जिन्होंने विभिन्न विभागों की जिम्मेदारी संभाली।
पंडित जवाहरलाल नेहरू ने प्रधानमंत्री के साथ-साथ विदेश मंत्री का पद भी संभाला। सरदार वल्लभभाई पटेल को गृह मंत्री बनाया गया, जिन्होंने देशी रियासतों के एकीकरण में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। डॉ. राजेंद्र प्रसाद को खाद्य एवं कृषि मंत्री बनाया गया, जो आगे चलकर भारत के प्रथम राष्ट्रपति बने।
डॉ. भीमराव अंबेडकर को कानून मंत्री नियुक्त किया गया, जिन्होंने भारतीय संविधान के निर्माण में केंद्रीय भूमिका निभाई।
श्यामा प्रसाद मुखर्जी को उद्योग और आपूर्ति मंत्री, मौलाना अबुल कलाम आज़ाद को शिक्षा मंत्री, और राजेंद्र प्रसाद, जगजीवन राम, राजकुमारी अमृत कौर जैसे नेताओं को महत्वपूर्ण विभाग सौंपे गए।
प्रथम मंत्रिमंडल की सबसे बड़ी उपलब्धि यह थी कि उसने लोकतांत्रिक मूल्यों, धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक न्याय की नींव रखी। इसी मंत्रिमंडल के मार्गदर्शन में संविधान सभा ने अपना कार्य आगे बढ़ाया और 26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान लागू हुआ। साथ ही पंचवर्षीय योजनाओं, शिक्षा विस्तार और औद्योगिक विकास की दिशा भी तय की गई।
यह मंत्रिमंडल राष्ट्रीय एकता का प्रतीक था, क्योंकि इसमें विभिन्न विचारधाराओं, धर्मों और क्षेत्रों के प्रतिनिधि शामिल थे। इससे जनता में विश्वास पैदा हुआ कि स्वतंत्र भारत एक समावेशी और लोकतांत्रिक राष्ट्र बनेगा।
निष्कर्षतः, स्वतंत्र भारत का प्रथम मंत्रिमंडल केवल एक सरकार नहीं, बल्कि आधुनिक भारत की आधारशिला था। इसके निर्णयों और नीतियों ने देश को स्थिरता, दिशा और आत्मविश्वास प्रदान किया, जिसके कारण भारत विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में स्थापित हो सका।
स्वतंत्र भारत के प्रथम मंत्रिमंडल से संबंधित 10 MCQ प्रश्न
1. स्वतंत्र भारत का प्रथम प्रधानमंत्री कौन था?
A. महात्मा गांधी
B. जवाहरलाल नेहरू
C. सरदार पटेल
D. राजेंद्र प्रसाद
✅ उत्तर: B. जवाहरलाल नेहरू
2. स्वतंत्र भारत के प्रथम मंत्रिमंडल का गठन कब हुआ था?
A. 26 जनवरी 1950
B. 15 अगस्त 1947
C. 2 अक्टूबर 1947
D. 30 जनवरी 1948
✅ उत्तर: B. 15 अगस्त 1947
3. प्रथम मंत्रिमंडल में गृह मंत्री कौन थे?
A. जवाहरलाल नेहरू
B. डॉ. अंबेडकर
C. सरदार वल्लभभाई पटेल
D. मौलाना आज़ाद
✅ उत्तर: C. सरदार वल्लभभाई पटेल
4. भारतीय संविधान के प्रमुख शिल्पकार और प्रथम कानून मंत्री कौन थे?
A. राजेंद्र प्रसाद
B. डॉ. भीमराव अंबेडकर
C. जवाहरलाल नेहरू
D. श्यामा प्रसाद मुखर्जी
✅ उत्तर: B. डॉ. भीमराव अंबेडकर
5. प्रथम मंत्रिमंडल में शिक्षा मंत्री कौन थे?
A. राजकुमारी अमृत कौर
B. मौलाना अबुल कलाम आज़ाद
C. जगजीवन राम
D. के. एम. मुंशी
✅ उत्तर: B. मौलाना अबुल कलाम आज़ाद
6. प्रथम मंत्रिमंडल का मुख्य उद्देश्य क्या था?
A. ब्रिटिश शासन को बनाए रखना
B. लोकतांत्रिक शासन की स्थापना
C. सैन्य विस्तार
D. विदेशी शासन स्वीकार करना
✅ उत्तर: B. लोकतांत्रिक शासन की स्थापना
7. डॉ. राजेंद्र प्रसाद प्रथम मंत्रिमंडल में किस विभाग से जुड़े थे?
A. रक्षा
B. वित्त
C. खाद्य एवं कृषि
D. उद्योग
✅ उत्तर: C. खाद्य एवं कृषि
8. प्रथम मंत्रिमंडल ने किस मूल सिद्धांत पर कार्य किया?
A. तानाशाही
B. राजशाही
C. लोकतंत्र और धर्मनिरपेक्षता
D. साम्राज्यवाद
✅ उत्तर: C. लोकतंत्र और धर्मनिरपेक्षता
9. स्वतंत्र भारत के प्रथम मंत्रिमंडल का गठन किस गवर्नर-जनरल के कार्यकाल में हुआ?
A. लॉर्ड माउंटबेटन
B. लॉर्ड वेवेल
C. लॉर्ड कर्जन
D. लॉर्ड डलहौजी
✅ उत्तर: A. लॉर्ड माउंटबेटन
10. प्रथम मंत्रिमंडल का ऐतिहासिक महत्व क्या है?
A. भारत का पहला सैन्य शासन
B. लोकतांत्रिक भारत की नींव
C. ब्रिटिश सत्ता का विस्तार
D. रियासतों का विभाजन
✅ उत्तर: B. लोकतांत्रिक भारत की नींव
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