फतेहपुर सीकरी भारतीय इतिहास का एक अत्यंत महत्वपूर्ण नगर है, जिसे मुगल सम्राट अकबर ने मुगल साम्राज्य की राजधानी के रूप में स्थापित किया था। यह नगर न केवल राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण था, बल्कि स्थापत्य, संस्कृति और धार्मिक सहिष्णुता का भी उत्कृष्ट उदाहरण माना जाता है। आज फतेहपुर सीकरी एक ऐतिहासिक धरोहर के रूप में विश्व प्रसिद्ध है।
1. फतेहपुर सीकरी की स्थापना
फतेहपुर सीकरी की स्थापना 1571 ई. में मुगल सम्राट अकबर ने की थी। यह नगर उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में स्थित है। अकबर ने इसे अपनी राजधानी इसलिए बनाया क्योंकि वे सूफी संत शेख सलीम चिश्ती से अत्यंत प्रभावित थे। ऐसा माना जाता है कि शेख सलीम चिश्ती के आशीर्वाद से ही अकबर को पुत्र (जहाँगीर) की प्राप्ति हुई थी।
2. राजधानी बनाए जाने का कारण
अकबर ने फतेहपुर सीकरी को मुगल साम्राज्य की राजधानी कई कारणों से बनाया:
- यह स्थान सामरिक दृष्टि से सुरक्षित था
- आगरा के निकट स्थित था
- धार्मिक सहिष्णुता और सूफी परंपरा का केंद्र था
अकबर यहाँ से अपने विशाल साम्राज्य का संचालन करना चाहते थे।
3. स्थापत्य कला की विशेषताएँ
फतेहपुर सीकरी मुगल स्थापत्य कला का अद्भुत उदाहरण है। यहाँ लाल बलुआ पत्थर का व्यापक उपयोग किया गया है। प्रमुख इमारतें हैं:
- बुलंद दरवाजा
- दीवान-ए-आम
- दीवान-ए-ख़ास
- पंचमहल
- जोधाबाई का महल
इन इमारतों में भारतीय, इस्लामी और फारसी स्थापत्य शैली का सुंदर समन्वय दिखाई देता है।
4. धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व
फतेहपुर सीकरी केवल राजनीतिक राजधानी नहीं थी, बल्कि यह धार्मिक संवाद का केंद्र भी थी। अकबर ने यहाँ इबादतखाना बनवाया, जहाँ विभिन्न धर्मों के विद्वान आपस में विचार-विमर्श करते थे। यहीं से अकबर ने दीन-ए-इलाही की अवधारणा को विकसित किया।
5. राजधानी का पतन
लगभग 14 वर्षों (1571–1585 ई.) तक राजधानी रहने के बाद फतेहपुर सीकरी को छोड़ दिया गया। इसके मुख्य कारण थे:
- जल की कमी
- उत्तर-पश्चिमी सीमाओं पर युद्ध
- प्रशासनिक असुविधाएँ
इसके बाद अकबर ने राजधानी को लाहौर और फिर आगरा स्थानांतरित कर दिया।
6. ऐतिहासिक महत्व
यद्यपि फतेहपुर सीकरी अल्पकाल के लिए राजधानी रही, फिर भी इसका ऐतिहासिक महत्व अत्यंत बड़ा है। यह अकबर की दूरदर्शिता, धार्मिक सहिष्णुता और स्थापत्य प्रेम का प्रतीक है। आज यह यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है और भारत की गौरवशाली विरासत का हिस्सा है।
निष्कर्ष
फतेहपुर सीकरी मुगल साम्राज्य की एक अनोखी राजधानी थी, जिसने भारतीय इतिहास को नई दिशा दी। यह नगर दर्शाता है कि कैसे अकबर ने सत्ता, संस्कृति और सहिष्णुता को एक साथ जोड़ा। आज भी फतेहपुर सीकरी भारत की ऐतिहासिक चेतना का जीवंत उदाहरण है।

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