✍️ भूमिका
भारत के आतिथ्य (Hospitality) उद्योग में यदि किसी एक व्यक्ति का नाम विशेष सम्मान से लिया जाता है, तो वह है कैप्टन सीपी कृष्णन नायर। उन्होंने भारतीय होटल उद्योग को वैश्विक पहचान दिलाई और “द लीला” होटल श्रृंखला की स्थापना कर लक्ज़री और भारतीय संस्कृति का अनोखा संगम प्रस्तुत किया। उनका जीवन संघर्ष, दूरदृष्टि और उत्कृष्टता का प्रतीक है।
🔹 1. प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
सीपी कृष्णन नायर का जन्म 9 फरवरी 1922 में केरल के कन्नूर (तत्कालीन कैराली क्षेत्र) में हुआ था। वे एक साधारण परिवार से थे, लेकिन उनके सपने बड़े थे। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा केरल में पूरी की और आगे चलकर देश सेवा के लिए सेना में शामिल हो गए।
🔹 2. सेना में करियर
नायर ने भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में सेवा दी। वे 1950 के दशक में कप्तान (Captain) बने। सेना में अनुशासन, नेतृत्व और संगठनात्मक कौशल ने उनके व्यक्तित्व को निखारा।
हालाँकि, 1957 में उन्होंने सेना की नौकरी छोड़ दी और व्यवसाय की दुनिया में कदम रखा।
🔹 3. व्यवसाय की शुरुआत
सेना छोड़ने के बाद उन्होंने अपनी पत्नी के नाम पर लीला लेस लिमिटेड (Leela Lace Limited) नामक कंपनी की स्थापना की। यह कंपनी उच्च गुणवत्ता वाले वस्त्रों के निर्यात के लिए प्रसिद्ध हुई।
व्यापार में सफलता मिलने के बाद उन्होंने आतिथ्य उद्योग में प्रवेश करने का निर्णय लिया।
🔹 4. द लीला होटल श्रृंखला की स्थापना
सीपी कृष्णन नायर ने भारत में विश्व स्तरीय होटल बनाने का सपना देखा।
उन्होंने “द लीला” (The Leela Hotels) नाम से लक्ज़री होटल श्रृंखला की शुरुआत की।
इन होटलों की खासियत थी —
- भारतीय परंपरा और आधुनिक सुविधाओं का संगम
- उत्कृष्ट सेवा
- शानदार वास्तुकला
🔹 5. भारतीय संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण
नायर का मानना था कि होटल केवल रहने की जगह नहीं, बल्कि संस्कृति का प्रतिनिधित्व करते हैं।
उन्होंने:
- भारतीय कला और वास्तुकला को बढ़ावा दिया
- पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया
- हरित (Green) पहल को अपनाया
उनकी सोच थी कि व्यवसाय और प्रकृति साथ-साथ चल सकते हैं।
🔹 6. उपलब्धियाँ और सम्मान
सीपी कृष्णन नायर को उनके योगदान के लिए कई पुरस्कार मिले।
- पद्म भूषण (2010) — भारत सरकार द्वारा
- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतिथ्य उद्योग में सम्मान
उनकी उपलब्धियाँ केवल व्यापार तक सीमित नहीं थीं, बल्कि उन्होंने भारत की प्रतिष्ठा को भी ऊँचा किया।
🔹 7. नेतृत्व और प्रबंधन शैली
उनकी सफलता के पीछे उनकी दूरदृष्टि और प्रबंधन क्षमता थी।
उन्होंने भारतीय होटल उद्योग में सेवा के उच्च मानक स्थापित किए।
🔹 8. भारतीय होटल उद्योग पर प्रभाव
सीपी कृष्णन नायर ने भारत में लक्ज़री होटल उद्योग को नई दिशा दी।
उनकी पहल से:
- भारत में पर्यटन को बढ़ावा मिला
- विदेशी निवेश आकर्षित हुआ
- रोजगार के अवसर बढ़े
आज “द लीला” होटल ब्रांड विश्व स्तर पर प्रसिद्ध है।
🔹 9. अंतिम समय और विरासत
17 मई 2014 को मुंबई में उनका निधन हो गया। लेकिन उनकी विरासत आज भी जीवित है। “द लीला” होटल श्रृंखला उनके सपनों और मेहनत का प्रतीक है।
🔹 10. निष्कर्ष
सीपी कृष्णन नायर का होटल उद्योग में योगदान अतुलनीय है। उन्होंने सेना से लेकर व्यवसाय तक हर क्षेत्र में उत्कृष्टता दिखाई। उनकी कहानी हमें सिखाती है कि मेहनत, अनुशासन और दूरदृष्टि से कोई भी व्यक्ति नई ऊँचाइयों तक पहुँच सकता है।
वे भारतीय आतिथ्य उद्योग के पथप्रदर्शक (Pioneer) थे।

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