अनुच्छेद 8 - प्रवासी भारतीयों की नागरिकता Article 8 - Citizenship of Overseas Indians

अनुच्छेद 8 -  प्रवासी भारतीयों की नागरिकता
Article 8 - Citizenship of Overseas Indians

अनुच्छेद 8 -  प्रवासी भारतीयों की नागरिकता Article 8 - Citizenship of Overseas Indians


विदेशों में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों की संवैधानिक पहचान
Constitutional Citizenship Rights of Indians Living Abroad

कहानी के रूप में लेख: भारतीय संविधान का अनुच्छेद 8 (500 शब्द)

दक्षिण भारत के एक शिक्षित नगर ज्ञानपुरम में 16 वर्षीय छात्रा नंदिनी रहती थी। उसके मामा कई वर्षों से केन्या में रहते थे, लेकिन उनके दिल में भारत हमेशा बसता था। जब भी वे भारत आते, देशभक्ति की बातें करते और संविधान का सम्मान सिखाते। एक दिन स्कूल में अध्यापिका ने गृहकार्य दिया—
“भारतीय संविधान के अनुच्छेद 8 को कहानी के रूप में समझाओ।”

नंदिनी सोच में पड़ गई। वह जानती थी कि उसके मामा भारतीय मूल के हैं, लेकिन क्या वे भारतीय नागरिक कहलाते हैं? इसी सवाल का जवाब खोजते हुए वह अपने मामा से बात करने लगी।

मामा मुस्कुराते हुए बोले,
“बेटा, यही सवाल अनुच्छेद 8 सुलझाता है।”

उन्होंने बताया कि जब भारत का संविधान लागू हुआ, तब कई भारतीय मूल के लोग विदेशों में बस चुके थे—अफ्रीका, एशिया और अन्य देशों में। ऐसे लोगों को भारत से अलग नहीं किया जा सकता था। इसी कारण संविधान निर्माताओं ने अनुच्छेद 8 जोड़ा।

मामा ने समझाया,
“अनुच्छेद 8 उन लोगों से संबंधित है जो भारत के बाहर रहते हैं, लेकिन उनके या उनके माता-पिता या दादा-दादी का जन्म भारत में हुआ था।”

नंदिनी ने पूछा,
“तो क्या वे स्वतः नागरिक बन गए?”

मामा ने कहा,
“नहीं। इसके लिए उन्हें भारतीय दूतावास में पंजीकरण कराना आवश्यक था। यदि वे निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते, तो उन्हें भारत की नागरिकता मिल सकती थी।”

नंदिनी को समझ आया कि संविधान ने विदेशों में बसे भारतीयों को भी अपनाया।
उसने महसूस किया कि भारत केवल भौगोलिक सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि संस्कृति, इतिहास और भावनाओं से जुड़ा हुआ राष्ट्र है।

मामा ने आगे कहा,
अनुच्छेद 8 भारत की वैश्विक सोच को दर्शाता है। यह बताता है कि भारत अपने लोगों को कभी नहीं भूलता, चाहे वे दुनिया के किसी भी कोने में क्यों न हों।”

नंदिनी ने अपनी कॉपी में लिखा—
“अनुच्छेद 8 भारत और प्रवासी भारतीयों के बीच एक सेतु है, जो नागरिकता के माध्यम से उन्हें मातृभूमि से जोड़ता है।”

अगले दिन जब नंदिनी ने कक्षा में अपनी कहानी सुनाई, अध्यापिका ने सराहना करते हुए कहा,
“तुमने अनुच्छेद 8 को भावनाओं और संविधान दोनों से जोड़ा है।”

नंदिनी मुस्कुरा उठी। अब वह जान गई थी कि भारतीय संविधान केवल देश के भीतर रहने वालों के लिए नहीं, बल्कि दुनिया भर में बसे भारतीय मूल के लोगों के लिए भी न्याय और पहचान सुनिश्चित करता है।
अनुच्छेद 8 भारत की वैश्विक आत्मा का प्रतीक है।

Related 10 MCQ Questions (Article 8)

1. भारतीय संविधान का अनुच्छेद 8 किससे संबंधित है?
A) राष्ट्रपति
B) मौलिक अधिकार
C) विदेशों में रहने वाले भारतीय मूल के लोग
D) चुनाव
Answer: C

2. अनुच्छेद 8 किस भाग में आता है?
A) भाग I
B) भाग II
C) भाग III
D) भाग IV
Answer: B

3. अनुच्छेद 8 किन व्यक्तियों पर लागू होता है?
A) विदेशी नागरिक
B) विदेश में बसे भारतीय मूल के व्यक्ति
C) शरणार्थी
D) पर्यटक
Answer: B

4. अनुच्छेद 8 के अंतर्गत नागरिकता पाने के लिए क्या आवश्यक है?
A) मतदान
B) पासपोर्ट
C) भारतीय दूतावास में पंजीकरण
D) कर भुगतान
Answer: C

5. अनुच्छेद 8 का मुख्य उद्देश्य क्या है?
A) विदेश नीति
B) प्रवासी भारतीयों को नागरिकता का अधिकार
C) व्यापार
D) रक्षा
Answer: B

6. अनुच्छेद 8 किस भावना को दर्शाता है?
A) संकीर्णता
B) कठोरता
C) वैश्विक दृष्टिकोण
D) अलगाव
Answer: C

7. अनुच्छेद 8 में किसके जन्म का उल्लेख है?
A) केवल स्वयं का
B) केवल माता का
C) स्वयं, माता-पिता या दादा-दादी
D) केवल पिता का
Answer: C

8. क्या अनुच्छेद 8 आज नए नागरिक बनाता है?
A) हाँ
B) कभी-कभी
C) नहीं
D) आपातकाल में
Answer: C

9. नागरिकता से संबंधित अनुच्छेद किस भाग में हैं?
A) भाग I
B) भाग II
C) भाग V
D) भाग IX
Answer: B

10. अनुच्छेद 8 किस बात का प्रतीक है?
A) सीमा विस्तार
B) भारत और प्रवासी भारतीयों का संबंध
C) आर्थिक नीति
D) सैन्य शक्ति
Answer: B

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