Major Themes of New Public Administration -Dwight Waldo and the Minnowbrook Conference

 नवीन लोक प्रशासन के प्रमुख प्रकरण: मिनोब्रुक सम्मेलन में ड्वाइट वाल्डो का दृष्टिकोण

Major Themes of New Public Administration: Dwight Waldo and the Minnowbrook Conference

Major Themes of New Public Administration: Dwight Waldo and the Minnowbrook Conference


प्रस्तावना (Introduction)

लोक प्रशासन के अध्ययन में 1960–70 के दशक में एक महत्वपूर्ण वैचारिक परिवर्तन देखने को मिला, जिसे नवीन लोक प्रशासन (New Public Administration – NPA) के रूप में जाना जाता है। इस परिवर्तन की वैचारिक नींव 1968 के मिनोब्रुक सम्मेलन (Minnowbrook Conference) में पड़ी, जहाँ प्रसिद्ध विद्वान ड्वाइट वाल्डो (Dwight Waldo) ने पारंपरिक लोक प्रशासन की सीमाओं की आलोचना करते हुए नए मूल्यों और दृष्टिकोणों पर बल दिया। वाल्डो के अनुसार लोक प्रशासन को केवल दक्षता और तटस्थता तक सीमित न रखकर सामाजिक न्याय, समानता और मानवीय मूल्यों से जोड़ा जाना चाहिए।

🧠 मिनोब्रुक सम्मेलन की पृष्ठभूमि

मिनोब्रुक सम्मेलन का आयोजन अमेरिका में उस समय हुआ जब समाज में नागरिक अधिकार आंदोलन, नस्लीय असमानता, गरीबी और युद्ध विरोध जैसे मुद्दे उभर रहे थे। ऐसे वातावरण में वाल्डो और अन्य विद्वानों ने महसूस किया कि पारंपरिक लोक प्रशासन इन सामाजिक चुनौतियों का समाधान करने में सक्षम नहीं है। इसलिए नवीन लोक प्रशासन का विचार सामने आया।

📌 नवीन लोक प्रशासन के प्रमुख प्रकरण (Themes) — वाल्डो का दृष्टिकोण

1. सामाजिक न्याय (Social Equity)

वाल्डो ने सामाजिक न्याय को लोक प्रशासन का केन्द्रीय मूल्य बताया। उनके अनुसार प्रशासनिक नीतियाँ और कार्यक्रम समाज के वंचित वर्गों के हितों की रक्षा करें।

2. मूल्य-उन्मुख प्रशासन (Value-Oriented Administration)

नवीन लोक प्रशासन ने यह स्वीकार किया कि प्रशासन मूल्य-तटस्थ नहीं हो सकता। प्रशासनिक निर्णयों में नैतिकता, न्याय और मानवता के मूल्य होने चाहिए।

3. जन-उत्तरदायित्व (Public Responsiveness)

प्रशासन को जनता की वास्तविक समस्याओं के प्रति संवेदनशील और उत्तरदायी होना चाहिए, न कि केवल नियमों का पालन करने वाला तंत्र।

4. परिवर्तन-उन्मुखता (Change Orientation)

वाल्डो ने प्रशासन को यथास्थिति बनाए रखने के बजाय सामाजिक परिवर्तन का माध्यम माना।

5. ग्राहक-उन्मुखता (Client-Centered Approach)

नागरिकों को केवल ‘उपभोक्ता’ नहीं, बल्कि नीति-निर्माण और क्रियान्वयन के सक्रिय भागीदार के रूप में देखा जाना चाहिए।

6. नवाचार और प्रयोग (Innovation and Experimentation)

प्रशासन में नए विचारों, प्रयोगों और लचीलेपन को प्रोत्साहन देना चाहिए।

7. मानवीय दृष्टिकोण (Humanistic Approach)

प्रशासनिक कर्मियों को मशीन का पुर्जा नहीं, बल्कि संवेदनशील मानव माना जाए।

निष्कर्ष (Conclusion)

मिनोब्रुक सम्मेलन में ड्वाइट वाल्डो द्वारा प्रस्तुत नवीन लोक प्रशासन ने लोक प्रशासन को नई दिशा दी। इसने दक्षता-प्रधान दृष्टिकोण से आगे बढ़कर सामाजिक न्याय, उत्तरदायित्व और मानवीय मूल्यों को केंद्र में रखा। आज के लोकतांत्रिक और कल्याणकारी राज्य में ये प्रकरण अत्यंत प्रासंगिक हैं और लोक प्रशासन को अधिक जनोन्मुखी बनाते हैं।

📘 10 MCQ Questions (With Answers)

1. मिनोब्रुक सम्मेलन किस वर्ष आयोजित हुआ था?

A. 1965
B. 1968
C. 1972
D. 1980
उत्तर: B

2. नवीन लोक प्रशासन की अवधारणा किस सम्मेलन से जुड़ी है?

A. पेरिस सम्मेलन
B. शिकागो सम्मेलन
C. मिनोब्रुक सम्मेलन
D. दिल्ली सम्मेलन
उत्तर: C

3. मिनोब्रुक सम्मेलन में प्रमुख भूमिका किस विद्वान की थी?

A. वुडरो विल्सन
B. मैक्स वेबर
C. ड्वाइट वाल्डो
D. लूथर गुलिक
उत्तर: C

4. नवीन लोक प्रशासन का केन्द्रीय मूल्य क्या है?

A. दक्षता
B. तटस्थता
C. सामाजिक न्याय
D. नियंत्रण
उत्तर: C

5. ‘Value-Oriented Administration’ का आशय है—

A. मूल्य-तटस्थ प्रशासन
B. केवल नियम आधारित प्रशासन
C. नैतिक और न्यायपूर्ण प्रशासन
D. राजनीतिक प्रशासन
उत्तर: C

6. जन-उत्तरदायित्व का अर्थ है—

A. केवल सरकार के प्रति जवाबदेही
B. जनता की समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता
C. केवल कानून पालन
D. नियंत्रण
उत्तर: B

7. नवीन लोक प्रशासन किस दृष्टिकोण पर बल देता है?

A. यथास्थिति
B. परिवर्तन
C. तटस्थता
D. नौकरशाही
उत्तर: B

8. ग्राहक-उन्मुखता का संबंध किससे है?

A. नागरिक सहभागिता
B. प्रशासनिक नियंत्रण
C. सत्ता
D. बजट
उत्तर: A

9. मानवीय दृष्टिकोण का अर्थ है—

A. मशीन-केंद्रित प्रशासन
B. नियम-केंद्रित प्रशासन
C. मानव-केंद्रित प्रशासन
D. सत्ता-केंद्रित प्रशासन
उत्तर: C

10. नवीन लोक प्रशासन किसकी आलोचना करता है?

A. आधुनिक प्रशासन
B. पारंपरिक लोक प्रशासन
C. लोकतंत्र
D. सुशासन
उत्तर: B

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