भारतीय संविधान का अनुच्छेद 5: नागरिकता की पहली कहानी Article 5 of Indian Constitution: Story of Citizenship at Commencement

भारतीय संविधान का अनुच्छेद 5: नागरिकता की पहली कहानी
Article 5 of Indian Constitution: Story of Citizenship at Commencement

Article 5 of Indian Constitution: Story of Citizenship at Commencement


कहानी के रूप में लेख: भारतीय संविधान का अनुच्छेद 5

उत्तर भारत के एक शांत शहर नवजीवनपुर में 15 वर्षीय छात्र आरव रहता था। उसे इतिहास और नागरिक शास्त्र पढ़ना बहुत पसंद था। एक दिन स्कूल में उसकी अध्यापिका ने एक अनोखा कार्य दिया—
“भारतीय संविधान के अनुच्छेद 5 को कहानी के रूप में समझाओ।”

आरव सोच में पड़ गया। अनुच्छेद 5 आखिर है क्या? वह शाम को अपने दादा जी के पास बैठा, जो स्वतंत्रता आंदोलन के समय की बातें बड़े गर्व से सुनाते थे। दादा जी ने मुस्कुराकर कहा,
“चलो, आज मैं तुम्हें नागरिकता की कहानी सुनाता हूँ।”

दादा जी ने बताया कि जब 26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान लागू हुआ, तब यह तय करना ज़रूरी था कि उस समय भारत का नागरिक कौन कहलाएगा। इसी प्रश्न का उत्तर देता है अनुच्छेद 5

उन्होंने कहा,
“अनुच्छेद 5 बताता है कि संविधान के लागू होने के समय कौन व्यक्ति भारत का नागरिक माना जाएगा।”

आरव ध्यान से सुनने लगा।

दादा जी बोले,
“यदि कोई व्यक्ति भारत में जन्मा है, या उसके माता-पिता में से कोई भारत में जन्मा है, या वह कम से कम पाँच वर्षों से भारत में रह रहा है—तो वह संविधान के प्रारंभ के समय भारत का नागरिक माना जाएगा।”

आरव ने पूछा,
“तो क्या यह अनुच्छेद आज भी नए नागरिक बनाता है?”

दादा जी हँसे,
“नहीं बेटा। अनुच्छेद 5 केवल संविधान के प्रारंभ के समय की नागरिकता से संबंधित है। बाद की नागरिकता नागरिकता अधिनियम, 1955 के अनुसार तय होती है।”

आरव की आँखों में चमक आ गई। उसे समझ आ गया कि आज़ादी के बाद भारत जैसे नए राष्ट्र के लिए यह तय करना कितना आवश्यक था कि देश का नागरिक कौन है।
दादा जी ने आगे कहा,
“अनुच्छेद 5 ने लाखों लोगों को यह पहचान दी कि वे भारत के वैध नागरिक हैं। इससे लोकतंत्र की नींव मजबूत हुई।”

रात को आरव ने अपनी कॉपी खोली और अनुच्छेद 5 को एक कहानी के रूप में लिखा—जिसमें आज़ादी के बाद का भारत, नए सपने और नागरिकता की पहचान शामिल थी।

अगले दिन कक्षा में जब आरव ने अपनी कहानी सुनाई, अध्यापिका ने कहा,
“तुमने अनुच्छेद 5 को सिर्फ समझा नहीं, बल्कि उसे जीवंत कर दिया।”

आरव को गर्व महसूस हुआ। अब वह जान गया था कि अनुच्छेद 5 भारतीय नागरिकता की पहली सीढ़ी है, जिसने स्वतंत्र भारत को एक संवैधानिक पहचान दी।

10 MCQ Questions (Article 5 Related)

1. भारतीय संविधान का अनुच्छेद 5 किससे संबंधित है?
A) मौलिक अधिकार
B) नागरिकता
C) राष्ट्रपति
D) संसद
Answer: B) नागरिकता

2. अनुच्छेद 5 किस समय की नागरिकता निर्धारित करता है?
A) वर्तमान
B) भविष्य
C) संविधान के प्रारंभ के समय
D) आपातकाल के समय
Answer: C)

3. भारतीय संविधान कब लागू हुआ?
A) 15 अगस्त 1947
B) 26 नवंबर 1949
C) 26 जनवरी 1950
D) 2 अक्टूबर 1950
Answer: C)

4. अनुच्छेद 5 के अनुसार कौन नागरिक माना जाता है?
A) केवल भारत में जन्मा व्यक्ति
B) केवल पढ़ा-लिखा व्यक्ति
C) जन्म, निवास या वंश के आधार पर
D) केवल सरकारी कर्मचारी
Answer: C)

5. नागरिकता से संबंधित भाग कौन-सा है?
A) भाग I
B) भाग II
C) भाग III
D) भाग IV
Answer: B)

6. अनुच्छेद 5 किस प्रकार की नागरिकता बताता है?
A) दोहरी नागरिकता
B) अस्थायी नागरिकता
C) प्रारंभिक नागरिकता
D) विदेशी नागरिकता
Answer: C)

7. अनुच्छेद 5 के बाद नागरिकता किस कानून से तय होती है?
A) दंड संहिता
B) संविधान संशोधन
C) नागरिकता अधिनियम, 1955
D) न्यायालय आदेश
Answer: C)

8. क्या अनुच्छेद 5 आज नए नागरिक बनाता है?
A) हाँ
B) कभी-कभी
C) नहीं
D) केवल विशेष मामलों में
Answer: C)

9. अनुच्छेद 5 का मुख्य उद्देश्य क्या है?
A) चुनाव कराना
B) सरकार बनाना
C) नागरिकों की पहचान तय करना
D) कानून बनाना
Answer: C)

10. अनुच्छेद 5 भारतीय संविधान के किस भाग में है?
A) भाग I
B) भाग II
C) भाग V
D) भाग X
Answer: B)

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