भारतीय संविधान के अनुच्छेद 2 के बारे में जानकारी एक कहानी के रूप में प्रस्तुत की गई है। (Information about Article 2 of the Indian Constitution presented in the form of a story)
राजस्थान के रेतीले टीलों से घिरे छोटे से गाँव सीमांतपुर में रहने वाली 13 वर्षीय लड़की अनया को इतिहास और भूगोल से बेहद लगाव था। हर शाम वह अपने दादा जी से भारत के राज्यों, उनकी सीमाओं और उनकी उत्पत्ति की रोचक कहानियाँ सुनती थी। एक दिन उसके स्कूल में अध्यापिका ने एक नया प्रोजेक्ट दिया—
“संविधान के अनुच्छेद 2 को कहानी के माध्यम से समझाओ।”
अनया के लिए यह विषय नया था। अनुच्छेद 2 आखिर बताता क्या है? वह स्कूल से लौटते ही अपने घर के पास की पहाड़ी पर चली गई, जहाँ से पूरा गाँव और दूर तक फैली भारतीय सीमा दिखाई देती थी। हवा शांति से बह रही थी, और सूरज ढलने की तैयारी में था।
अचानक, आसमान में हल्की चमक उठी और उसके सामने एक आकृति प्रकट होने लगी—लंबा चोगा पहने, चमकती आँखों वाला एक विशाल व्यक्तित्व। वह किसी साधारण मनुष्य जैसा नहीं था।
“डरना मत,” वह मधुर स्वर में बोला, “मैं हूँ भारत का संरक्षक – राज्य-निर्माता (State Guardian)। आज मैं तुम्हें अनुच्छेद 2 की कहानी सुनाने आया हूँ।”
अनया की आँखें चमक उठीं।
“राज्य-निर्माता जी, अनुच्छेद 2 क्या है?”
वह थोड़ा मुस्कुराया और अपनी हथेली खोली। उसकी हथेली पर भारत का चमकता हुआ नक्शा उभर आया।
“अनुच्छेद 2,” उसने कहा, “भारत के संविधान का वह प्रावधान है जो भारत को नए राज्यों को शामिल करने या स्वीकार करने का अधिकार देता है। यानी भारत चाहे तो किसी नए क्षेत्र, प्रदेश या राज्य को अपने संघ का हिस्सा बना सकता है।”
अनया ने आश्चर्य से पूछा, “क्या यह शक्ति हमेशा से थी?”
राज्य-निर्माता ने कहा,
“हाँ, संविधान निर्माताओं ने यह शक्ति इसलिए दी ताकि भारत अपनी सीमाओं, प्रदेशों और विविधता को आवश्यकतानुसार व्यवस्थित कर सके। अगर कोई क्षेत्र भारत का हिस्सा बनना चाहे, या संसद समझे कि किसी क्षेत्र को भारत में शामिल करना ज़रूरी है, तो संसद एक कानून बनाकर उसे भारत का हिस्सा घोषित कर सकती है। यही अनुच्छेद 2 का मूल सिद्धांत है।”
उसने अपनी उँगली हिलाई तो नक्शा बदलने लगा—रियासतें जुड़ती गईं, क्षेत्र भारत में मिलते गए।
“देखो अनया,” राज्य-निर्माता बोला, “आज भारत जैसा विशाल देश बना है, उसमें कई क्षेत्र बाद में शामिल किए गए। संविधान ने इसे संभव बनाया। अनुच्छेद 2 ने भारत को लचीला, विस्तृत और मजबूत बनाया।”
अनया ने पूछा, “क्या इस प्रक्रिया में संसद की भूमिका सबसे बड़ी होती है?”
“बिल्कुल,” राज्य-निर्माता ने उत्तर दिया।
“संसद चाहे तो नए क्षेत्र को पूर्ण राज्य, केंद्रशासित प्रदेश या विशेष दर्जा देकर भारत में शामिल कर सकती है। यह निर्णय पूरी तरह संसद के विवेक और कानून बनाने की शक्ति पर आधारित है।”
सूरज अब एक लाल गोले की तरह ढल रहा था। राज्य-निर्माता की चमक भी धीरे-धीरे हल्की होने लगी। उसने कहा,
“अनुच्छेद 2 सिर्फ राज्य जोड़ने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि भारत की अखंडता, विस्तार और समन्वय का महत्वपूर्ण सूत्र है। यह दिखाता है कि भारत एक जीवंत और विकसित होने वाला राष्ट्र है, जो समय के साथ नए क्षेत्र स्वीकारकर आगे बढ़ सकता है।”
जाने से पहले उसने अनया के माथे को हल्के से छुआ।
“इस ज्ञान को कहानी में लिखकर अपने स्कूल में सुनाना। भारत का संविधान जितना बड़ा है, उतना ही जीवंत भी।”
राज्य-निर्माता गायब हो गया।
अनया घर पहुँची, अपनी कॉपी निकाली और पूरी कहानी लिख डाली।
अगले दिन जब उसने कक्षा में कहानी सुनाई, अध्यापिका मुस्कुराकर बोलीं—
“अनया, तुमने अनुच्छेद 2 को सिर्फ पढ़ा नहीं, उसे महसूस किया है।”
अनया के चेहरे पर गर्व की चमक थी। अब वह जान गई थी कि भारत नए क्षेत्रों को जोड़ने की शक्ति रखता है, और यही लचीलापन उसे एक सशक्त राष्ट्र बनाता है।
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