भारतीय संविधान के अनुच्छेद 1 के बारे में जानकारी एक कहानी के रूप में प्रस्तुत की गई है। (Information about Article 1 of the Indian Constitution presented in the form of a story)

 भारतीय संविधान के अनुच्छेद 1 के बारे में जानकारी एक कहानी के रूप में प्रस्तुत की गई है। (Information about Article 1 of the Indian Constitution presented in the form of a story)

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 1 के बारे में जानकारी एक कहानी के रूप में प्रस्तुत की गई है। (Information about Article 1 of the Indian Constitution presented in the form of a story)


भारत के एक विशाल भूभाग पर बसे छोटे से गाँव अखण्डपुर में रहने वाला 12 वर्षीय लड़का आरव हमेशा नक्शों को देखकर रोमांचित हो जाता था। उसे लगता था कि हर राज्य, हर पर्वत और हर नदी की अपनी कोई कहानी होती है। एक दिन उसके शिक्षक ने उसे एक दिलचस्प प्रोजेक्ट दिया—
“संविधान के अनुच्छेद 1 को कहानी के रूप में समझाओ।”

आरव पहले तो हैरान हुआ। कानून और संविधान की बातें वह केवल किताबों में पढ़ता था, लेकिन कहानी बनाना उसके लिए चुनौती थी। वह चुपचाप नदी किनारे बैठ गया और आसमान की ओर देखने लगा। तभी हवा में सरसराते पेड़ों के बीच से एक बूढ़ा व्यक्ति प्रकट हुआ। उसके चेहरे पर तेज था और कपड़ों में भारतीय संस्कृति की छाप।

वह मुस्कुराते हुए बोला, “मैं हूँ भारत का मानचित्र, और मैं तुम्हें अनुच्छेद 1 की कहानी सुनाता हूँ।”

आरव चौंक गया, लेकिन उत्साहित भी था।
वह बोला, “मानचित्र जी! अनुच्छेद 1 क्या कहता है?”

मानचित्र ने अपनी उँगली से धरती पर एक लंबी रेखा खींचते हुए कहा,
“अनुच्छेद 1 कहता है —
‘भारत, अर्थात् भारत का संघ, राज्यों का संघ होगा।’

यानी हमारा देश राज्यों का ऐसा परिवार है जिसमें सभी राज्य मिलकर भारत नामक महान घर बनाते हैं।”

आरव ने पूछा, “क्या यह परिवार हमेशा से ऐसा ही था?”

मानचित्र हँसते हुए बोला, “पहले कई रियासतें थीं, अलग-अलग शासक थे। आज़ादी के बाद इन्हें जोड़कर एक समृद्ध राष्ट्र बनाया गया। अनुच्छेद 1 ने स्पष्ट कर दिया कि भारत सिर्फ भूभाग नहीं, बल्कि एकता की भावना है, जहाँ सभी राज्य इस संघ का हिस्सा हैं, परंतु उन्हें अलग होने का अधिकार नहीं। यह जैसे घर में कई कमरे हों, पर घर एक ही रहता है।”

अब मानचित्र ने अपनी हथेली पर भारत की संरचना दिखाई।
“देखो बेटा, अनुच्छेद 1 भारत को तीन भागों में बाँटकर समझाता है—

  1. राज्य (States)
  2. केंद्रशासित प्रदेश (Union Territories)
  3. ऐसे क्षेत्र जिन्हें संसद विशेष कानून बनाकर शामिल करे या प्रबंधित करे।

यानी भारत सिर्फ एक जगह का नाम नहीं, बल्कि विविधता में एकता का जिंदा उदाहरण है।”

आरव ध्यान से सुन रहा था। उसके मन में नया सवाल उठा,
“और भारत का नाम ‘India’ और ‘Bharat’ दोनों क्यों?”

मानचित्र ने कहा,
“अनुच्छेद 1 में ही लिखा है — ‘India, that is Bharat’
भारत हमारे सांस्कृतिक इतिहास का नाम है, जबकि India अंतरराष्ट्रीय पहचान का। दोनों नाम मिलकर हमें परंपरा और आधुनिकता का संगम बनाते हैं।”

अब सूर्य ढलने लगा था। मानचित्र धुएँ में बदलने लगा। जाने से पहले उसने आरव के कंधे पर हाथ रखकर कहा,
“अनुच्छेद 1 सिर्फ एक कानूनी धारा नहीं, बल्कि हमारे देश की एकता, अखंडता और विविधता की नींव है। इसे याद रखना।”

आरव घर लौटा और अपने प्रोजेक्ट में यह कहानी लिखी। उसके शिक्षक ने पढ़कर कहा,
“तुमने अनुच्छेद 1 को सिर्फ समझा नहीं, उसे जी लिया।”

आरव मुस्कुराया, क्योंकि अब वह जान चुका था कि भारत राज्यों से बना परिवार है, लेकिन उसकी आत्मा एक है — अखंड, अटूट और अद्वितीय

Post a Comment

0 Comments