भारतीय संविधान के अनुच्छेद 1 के बारे में जानकारी एक कहानी के रूप में प्रस्तुत की गई है। (Information about Article 1 of the Indian Constitution presented in the form of a story)
आरव पहले तो हैरान हुआ। कानून और संविधान की बातें वह केवल किताबों में पढ़ता था, लेकिन कहानी बनाना उसके लिए चुनौती थी। वह चुपचाप नदी किनारे बैठ गया और आसमान की ओर देखने लगा। तभी हवा में सरसराते पेड़ों के बीच से एक बूढ़ा व्यक्ति प्रकट हुआ। उसके चेहरे पर तेज था और कपड़ों में भारतीय संस्कृति की छाप।
वह मुस्कुराते हुए बोला, “मैं हूँ भारत का मानचित्र, और मैं तुम्हें अनुच्छेद 1 की कहानी सुनाता हूँ।”
यानी हमारा देश राज्यों का ऐसा परिवार है जिसमें सभी राज्य मिलकर भारत नामक महान घर बनाते हैं।”
आरव ने पूछा, “क्या यह परिवार हमेशा से ऐसा ही था?”
मानचित्र हँसते हुए बोला, “पहले कई रियासतें थीं, अलग-अलग शासक थे। आज़ादी के बाद इन्हें जोड़कर एक समृद्ध राष्ट्र बनाया गया। अनुच्छेद 1 ने स्पष्ट कर दिया कि भारत सिर्फ भूभाग नहीं, बल्कि एकता की भावना है, जहाँ सभी राज्य इस संघ का हिस्सा हैं, परंतु उन्हें अलग होने का अधिकार नहीं। यह जैसे घर में कई कमरे हों, पर घर एक ही रहता है।”
- राज्य (States)
- केंद्रशासित प्रदेश (Union Territories)
- ऐसे क्षेत्र जिन्हें संसद विशेष कानून बनाकर शामिल करे या प्रबंधित करे।
यानी भारत सिर्फ एक जगह का नाम नहीं, बल्कि विविधता में एकता का जिंदा उदाहरण है।”
आरव मुस्कुराया, क्योंकि अब वह जान चुका था कि भारत राज्यों से बना परिवार है, लेकिन उसकी आत्मा एक है — अखंड, अटूट और अद्वितीय
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