Relationship Between Public Administration and Politics - A Practical Analysis

 लोक प्रशासन और राजनीति के मध्य अंतर: व्यवहारिक दृष्टिकोण से एक अध्ययन
Relationship Between Public Administration and Politics: A Practical Analysis

लोक प्रशासन और राजनीति के मध्य अंतर: व्यवहारिक दृष्टिकोण से एक अध्ययन Relationship Between Public Administration and Politics: A Practical Analysis

प्रस्तावना (Introduction)


लोक प्रशासन और राजनीति को लंबे समय तक दो अलग-अलग क्षेत्रों के रूप में देखा गया है। परंतु व्यवहारिक दृष्टि से देखा जाए तो यह कहना अधिक उचित होगा कि लोक प्रशासन व राजनीति के मध्य अंतर का व्यवहारतः अस्तित्व नहीं है। दोनों एक-दूसरे से इतने गहराई से जुड़े हुए हैं कि इन्हें पूर्णतः अलग करना संभव नहीं है। राजनीति नीतियों का निर्माण करती है और लोक प्रशासन उन्हीं नीतियों को लागू करता है।

🧩 राजनीति का अर्थ (Meaning of Politics)

राजनीति वह प्रक्रिया है जिसके माध्यम से सत्ता प्राप्त की जाती है, नीतियाँ बनाई जाती हैं और समाज के लिए दिशा निर्धारित की जाती है। इसमें चुनाव, राजनीतिक दल, विचारधाराएँ और सत्ता का प्रयोग शामिल होता है।

🧩 लोक प्रशासन का अर्थ (Meaning of Public Administration)

लोक प्रशासन सरकार की नीतियों और निर्णयों को जनता तक पहुँचाने की प्रक्रिया है। इसमें नीति क्रियान्वयन, सेवाओं की आपूर्ति, कानून-व्यवस्था और विकास कार्य शामिल होते हैं।

🔗 लोक प्रशासन और राजनीति का संबंध

सिद्धांततः राजनीति को नीति-निर्माण और प्रशासन को नीति-क्रियान्वयन तक सीमित माना गया, लेकिन व्यवहार में यह विभाजन संभव नहीं है। प्रशासनिक अधिकारी नीतियों के निर्माण में भी सलाह देते हैं और राजनीतिक नेतृत्व प्रशासनिक निर्णयों में हस्तक्षेप करता है।

⚖️ व्यवहारिक दृष्टिकोण से अंतर का अभाव

  1. प्रशासनिक अधिकारी राजनीतिक नेतृत्व के अधीन कार्य करते हैं
  2. नीतियों के क्रियान्वयन में राजनीतिक प्राथमिकताएँ प्रभाव डालती हैं
  3. प्रशासनिक निर्णयों का राजनीतिक प्रभाव पड़ता है
  4. बजट, योजना और कानून दोनों के संयुक्त प्रयास से बनते हैं

इसलिए व्यवहार में दोनों का पूर्ण अलगाव संभव नहीं है।

🏛️ आधुनिक राज्य में भूमिका

आधुनिक लोकतांत्रिक राज्यों में लोक प्रशासन केवल तटस्थ क्रियान्वयनकर्ता नहीं रहा। वह नीति-निर्माण, सलाह और मूल्यांकन में भी सक्रिय भूमिका निभाता है। इसी कारण राजनीति और प्रशासन का घनिष्ठ संबंध और स्पष्ट हो गया है।

निष्कर्ष (Conclusion)

अतः यह स्पष्ट है कि लोक प्रशासन और राजनीति को व्यवहारिक रूप से अलग-अलग नहीं किया जा सकता। दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं और राज्य के प्रभावी संचालन के लिए इनका सहयोग अनिवार्य है। इसलिए यह कथन पूर्णतः सत्य प्रतीत होता है कि “लोक प्रशासन व राजनीति के मध्य अंतर का व्यवहारतः अस्तित्व नहीं है।”

10 MCQ Questions (With Answers)

1. राजनीति का मुख्य कार्य क्या है?

A. नीति क्रियान्वयन
B. प्रशासनिक नियंत्रण
C. नीति निर्माण
D. कानून पालन

उत्तर: C

2. लोक प्रशासन किससे संबंधित है?

A. चुनाव प्रक्रिया
B. नीति क्रियान्वयन
C. राजनीतिक विचारधारा
D. सत्ता संघर्ष

उत्तर: B

3. किस विद्वान ने राजनीति-प्रशासन द्विभाजन का समर्थन किया?

A. मैक्स वेबर
B. वुडरो विल्सन
C. लूथर गुलिक
D. ड्वाइट वाल्डो

उत्तर: B

4. व्यवहार में राजनीति और प्रशासन को अलग क्यों नहीं किया जा सकता?

A. दोनों स्वतंत्र हैं
B. दोनों असंबंधित हैं
C. दोनों परस्पर निर्भर हैं
D. दोनों समान हैं

उत्तर: C

5. प्रशासनिक अधिकारी किसके अधीन कार्य करते हैं?

A. न्यायपालिका
B. जनता
C. राजनीतिक नेतृत्व
D. मीडिया

उत्तर: C

6. आधुनिक राज्य में प्रशासन की भूमिका क्या है?

A. केवल आदेश पालन
B. नीति-निर्माण से दूर
C. सक्रिय और सलाहकारी
D. सीमित

उत्तर: C

7. राजनीति का संबंध किससे है?

A. सेवा वितरण
B. सत्ता और निर्णय
C. लेखांकन
D. नियंत्रण

उत्तर: B

8. लोक प्रशासन का अंतिम उद्देश्य क्या है?

A. सत्ता प्राप्ति
B. लाभ कमाना
C. जनकल्याण
D. राजनीति

उत्तर: C

9. बजट निर्माण किसका संयुक्त कार्य है?

A. केवल प्रशासन
B. केवल राजनीति
C. दोनों
D. कोई नहीं

उत्तर: C

10. सही कथन कौन-सा है?

A. राजनीति प्रशासन से अलग है
B. प्रशासन तटस्थ रहता है
C. दोनों में व्यवहारिक अंतर नहीं
D. दोनों विरोधी हैं

उत्तर: C

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