बिम्सटेक क्या है? | What is BIMSTEC?

 बिम्सटेक क्या है? | What is BIMSTEC?

बिम्सटेक क्या है  What is BIMSTEC


बिम्सटेक (BIMSTEC) का पूरा नाम Bay of Bengal Initiative for Multi-Sectoral Technical and Economic Cooperation है। यह बंगाल की खाड़ी से जुड़े सात देशों का क्षेत्रीय संगठन है, जिसका उद्देश्य आर्थिक सहयोग, तकनीकी प्रगति, व्यापार बढ़ावा, सुरक्षा समन्वय और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करना है। इसकी स्थापना 1997 में की गई थी और आज यह दक्षिण एशिया व दक्षिण-पूर्व एशिया के बीच एक महत्वपूर्ण पुल का काम करता है।


1. BIMSTEC के सदस्य देश

बिम्सटेक में कुल 7 सदस्य देश शामिल हैं:

  1. भारत
  2. बांग्लादेश
  3. श्रीलंका
  4. नेपाल
  5. भूटान
  6. म्यांमार
  7. थाईलैंड

इन देशों का भौगोलिक संबंध बंगाल की खाड़ी क्षेत्र से है, जो संगठन के आर्थिक और सामरिक महत्व को और बढ़ाता है।


2. गठन और उद्देश्य

BIMSTEC का गठन 6 जून 1997 को “BIST-EC” के रूप में हुआ था, जब चार देशों—बांग्लादेश, भारत, श्रीलंका और थाईलैंड—ने इसे शुरू किया। बाद में म्यांमार, नेपाल और भूटान के शामिल होने से यह बिम्सटेक बन गया।

इस संगठन का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय सहयोग के माध्यम से सदस्य देशों की प्रगति सुनिश्चित करना है। यह SAARC और ASEAN दोनों क्षेत्रों को जोड़ने वाला विशिष्ट मंच है।


3. BIMSTEC के क्षेत्र (Sectors of Cooperation)

बिम्सटेक 14 प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देता है, जिनमें शामिल हैं:

  • व्यापार और निवेश
  • तकनीकी और विज्ञान
  • ऊर्जा
  • परिवहन और संचार
  • कृषि
  • मत्स्य पालन
  • पर्यटन
  • स्वास्थ्य
  • पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन
  • गरीबी उन्मूलन
  • आतंकवाद व संगठित अपराध विरोध
  • सांस्कृतिक आदान-प्रदान
  • आपदा प्रबंधन

इन क्षेत्रों में अधिक प्रभावी कार्य के लिए प्रत्येक देश एक या अधिक क्षेत्रों की नेतृत्व भूमिका निभाता है।


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4. BIMSTEC का महत्व

बिम्सटेक का महत्व कई दृष्टियों से है:

(1) आर्थिक सहयोग:
सदस्य देशों की संयुक्त GDP काफी बड़ी है, जिससे विशाल व्यापार और निवेश संभावनाएँ उत्पन्न होती हैं।

(2) सामरिक (Strategic) महत्व:
बंगाल की खाड़ी भारत-प्रशांत क्षेत्र की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। सुरक्षा और समुद्री व्यापार के लिए यह क्षेत्र अहम भूमिका निभाता है।

(3) ऊर्जा और परिवहन:
ऊर्जा नेटवर्क, गैस पाइपलाइन, बिजली कनेक्टिविटी और सड़क-रेल मार्गों का विकास इस संगठन के जरिए संभव हो रहा है।

(4) SAARC का विकल्प:
SAARC की निष्क्रियता के चलते भारत BIMSTEC पर अधिक ध्यान दे रहा है। यह पड़ोसी देशों के साथ सहयोग बढ़ाने का एक प्रभावी मंच बन चुका है।


5. भारत की भूमिका

भारत BIMSTEC का एक प्रमुख और सक्रिय सदस्य है। भारत इस मंच के जरिए:

  • आतंकवाद-विरोधी सहयोग बढ़ाता है
  • समुद्री सुरक्षा को मजबूत बनाता है
  • पड़ोसी देशों के साथ कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स विकसित करता है
  • पूर्वोत्तर भारत को दक्षिण-पूर्व एशिया से जोड़ने का प्रयास करता है


निष्कर्ष

BIMSTEC दक्षिण एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया के बीच सहयोग को बढ़ाने वाला एक महत्वपूर्ण संगठन है। व्यापार, सुरक्षा, ऊर्जा, तकनीक और सांस्कृतिक रिश्तों को मजबूत करके यह सदस्य देशों के विकास की नई संभावनाएँ प्रदान करता है। बंगाल की खाड़ी के रणनीतिक महत्व को देखते हुए बिम्सटेक का भविष्य बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

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