कजरा सोलर पावर प्लांट: बिहार में सस्ती बिजली और हरित ऊर्जा की नई क्रांति
Kajra Solar Power Plant: A Green Energy Revolution Providing Cheap Electricity in Bihar
कजरा सोलर पावर प्लांट बिहार का सबसे बड़ा हरित ऊर्जा प्रोजेक्ट है, जिसमें देश की सबसे बड़ी बैटरी स्टोरेज प्रणाली शामिल है। इससे 2 करोड़ से अधिक उपभोक्ताओं को सस्ती, निर्बाध और पर्यावरण–अनुकूल बिजली मिलेगी। यह परियोजना बिहार में पीक डिमांड को पूरा करने और बिजली दरों को कम करने में ऐतिहासिक भूमिका निभाएगी।
🌞 कजरा से चमकेगा बिहार: सस्ती बिजली और हरित ऊर्जा की ओर बड़ा कदम
बिहार अब ऊर्जा के क्षेत्र में एक नई इबारत लिखने जा रहा है। कजरा सोलर पावर प्लांट बनकर पूरी तरह तैयार हो गया है और यह देश की सबसे बड़ी बैटरी स्टोरेज प्रणाली से लैस सोलर परियोजना मानी जा रही है। इसके शुरू होने से बिहार में न केवल हरित ऊर्जा उत्पादन को मजबूती मिलेगी, बल्कि 2 करोड़ से अधिक बिजली उपभोक्ताओं को सस्ती और भरोसेमंद बिजली उपलब्ध हो सकेगी।
यह पावर प्लांट मौसम अनुकूल होते ही 185 मेगावाट बिजली उत्पादन करेगा। फिलहाल इसका ट्रायल चल रहा है और फरवरी से वाणिज्यिक बिजली आपूर्ति शुरू होने की उम्मीद है। यह बिजली पहले वर्ष 4.60 रुपए प्रति यूनिट की दर से साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी और नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी द्वारा खरीदी जाएगी। बिहार राज्य विद्युत नियामक आयोग ने इस प्रस्ताव पर सुनवाई पूरी कर ली है और दर को लगभग स्वीकार कर लिया गया है।
🔋 बैटरी स्टोरेज सिस्टम: पीक ऑवर का समाधान
कजरा सोलर पावर प्लांट की सबसे बड़ी विशेषता इसका उन्नत बैटरी स्टोरेज सिस्टम है। आमतौर पर सोलर ऊर्जा दिन में ही उपलब्ध होती है, लेकिन बैटरी स्टोरेज के माध्यम से इसे संग्रहित कर पीक ऑवर (शाम और रात) में भी बिजली सप्लाई की जा सकेगी। इससे डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों को महंगी बिजली खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी और उपभोक्ताओं को निर्बाध आपूर्ति मिलेगी।
💰 हर साल घटेगी बिजली की दर
इस परियोजना का सबसे बड़ा लाभ यह है कि बिजली की दरें हर साल घटती जाएंगी।
- पहला साल: ₹4.60 प्रति यूनिट
- दूसरा साल: ₹4.30
- तीसरा साल: ₹4.03
- पाँचवां साल: ₹3.54
- दसवां साल: ₹2.56
- पंद्रहवां साल: ₹1.29
- बीसवां साल: ₹0.87
- पच्चीसवां साल: ₹0.65 प्रति यूनिट
इस तरह 25 वर्षों में बिहार को लगातार और भी सस्ती बिजली मिलती जाएगी, जो आम उपभोक्ताओं, उद्योगों और व्यापार के लिए बेहद फायदेमंद होगी।
⚡ बढ़ती बिजली मांग को मिलेगा सहारा
बिहार में बिजली की मांग तेजी से बढ़ रही है। राज्य का पीक डिमांड 10,000 मेगावाट से अधिक होने का अनुमान है। जुलाई में गर्मी के दौरान बिजली की खपत 8674 मेगावाट तक पहुंच चुकी है। घरेलू, वाणिज्यिक और औद्योगिक क्षेत्रों में बढ़ती जरूरतों को देखते हुए सरकार ने थर्मल और सोलर पावर प्लांट्स के साथ-साथ बैटरी स्टोरेज सिस्टम पर भी काम शुरू किया है।
🌱 हरित ऊर्जा की दिशा में ऐतिहासिक कदम
ऊर्जा सचिव मनोज कुमार सिंह के अनुसार, कजरा सोलर पावर प्लांट बिहार के लिए हरित ऊर्जा की दिशा में एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम है। इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि लोगों को दिन में भी निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। यह परियोजना बिहार को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

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